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69 हजार शिक्षक भर्ती में 1 अंक से फेल उम्मीदवारों की नौकरी का रास्ता साफ, अब 4 वर्ष बाद मिलेगी सरकारी नौकरी

69 हजार शिक्षिको की भर्ती में 1 अंक से रुके उम्मीदवारों के लिए नियुक्त का रास्ता साफ हो चुका है. और जल्द ही इन उम्मीदवारों को मिल सकते हैं नियुक्त पत्र  

69000 Teacher Bharti
69000 Teacher Bharti

4 साल की लम्बी क़ानूनी लड़ाई के बाद अब 69000 उम्मीदवारों की शिक्षक भर्ती में 1 अंक से रुके उम्मीदवारों का रास्ता साफ हो गया है और जल्द ही इन उम्मीदवारों को नौकरी मिल सकती है. विभिन्न मिडिया रिपोर्ट्स की माने तो हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद अब जल्द ही बेसिक शिक्षा परिषद इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर सकता है. शासन ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी को 25 अगस्त 2021 के पूर्व याचिका दायर करने वाले अभ्यर्थियों की सूची को जल्द तैयार करने का आदेश दिया है. 

अब 1 अंक से चयनित होने वाले उम्मीदवारों और पहले से पास उम्मीदवारों दोनों की लिस्ट तैयार कर बेसिक शिक्षा परिषद को भेजी जाएगी. बेसिक शिक्षा परिषद के कार्यालय की ओर से ऐसे उम्मीदवारों के शैक्षिक गुणांक और भारांक के आधार पर चयनित उम्मीदवारों की मेरिट तैयार की जायेगी. इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत वर्ग और श्रेणी के आधार पर अंतिम कटऑफ में चयनित उम्मीदवारों की सूची परीक्षा नियामक प्राधिकारी के द्वारा निर्धारित की जायेगी. 

इस मुख्य सूची के आधार पर ही 2 माह में चयन प्रक्रिया पूरी की जानी है. इसके लिए प्रमुख परीक्षा नियामक प्राधिकारी ने NIC से भी सम्पर्क किया है. परिषद के इस निर्णय से उम्मीदवार काफी खुश है और इस प्रक्रिया से लगभग 1 हजार उम्मीदवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है और सर्वाधिक लाभ इससे उन उम्मीदवारों को मिलेगा जो परीक्षा में एक अंक की कमी से चयनित नहीं हो पाए थे. उल्लेखनीय है कि इस परीक्षा से सम्बन्धित ज्वाइनिंग की प्रक्रिया कोर्ट में लम्बे समय से अटकी थी.

जाने क्या था मुख्य विवाद ?

69 हजार शिक्षकों की भर्ती परीक्षा के एक क्वेश्चन बुकलेट में प्रश्न संख्या 60 में एक परिभाषा पूंछी गई थी जिसमें सारे ही ऑप्शन गलत थे और इसका सही उत्तर ग्राहम बाल्फोर था विशेषज्ञों के समूह ने वेलफेयर ग्राहा को सही मान लिया था. उम्मीदवारों के द्वारा इस विषय में हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी और कोर्ट ने वर्ष 2021 में बेसिक शिक्षा परिषद को उन अभ्यर्थियों का परिणाम जारी करने का आदेश दिया जिन्होंने इस प्रश्न को सॉल्व किया था