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Difference: दही और योगर्ट के बीच क्या होता है अंतर, जानें

Difference: दही और योगर्ट दोनों ही डेयरी उत्पाद हैं, लेकिन इन दोनों में ही अंतर होता है। क्या आपको इन दोनों के बीच का अंतर पता है, यदि नहीं पता है तो इस लेख के माध्यम से हम यह समझेंगे। 

दही और योगर्ट में अंतर।
दही और योगर्ट में अंतर।

Difference: कई लोगों को खाने के साथ दही और योगर्ट खाना बहुत पसंद होता है। वहीं, कई लोग दही और योगर्ट के इतने शौकिन होते हैं कि वह बिना खाने के साथ ही इसे अलग से खाते हैं। क्या आपको भी दही या योगर्ट पसंद है। यदि हां, तो क्या आपको इन दोनों के बीच का अंतर मालूम है। यदि नहीं मालूम है, तो आप इस लेख के माध्यम से दोनों डेयरी उत्पादों के बीच के अंतर को समझ सकते हैं। 

 

दही और योगर्ट दोनों ही एक समान दिखते हैं और इनका स्वाद भी लगभग एक समान होता है। लेकिन, असल में दोनों ही अलग-अलग चीजें होती हैं। 

कुछ लोगों का मानना होता है कि दही को पश्चिमी देशों में योगर्ट कहा जाता है। हालांकि, यह सही नहीं है। 

 

सबसे पहले हम दही और योगर्ट बनाने की अलग-अलग विधि के माध्यम से दोनों के बीच अंतर को समझने का प्रयास करेंगे। 

 

दही बनाने की विधि

दही दूध को नींबू के रस और सिरके जैसे खाद्य अम्लों के साथ जमा कर बनाया जाता है, जिसे कर्डलिंग के रूप में जाना जाता है। सिरका जैसे खाद्य एसिड में मौजूद एसिटिक एसिड दूध में पहले से मौजूद एसिड से प्रतिक्रिया करता है। अम्लता में वृद्धि होने से दूध के ठोस ब्लॉक बनते हैं।

 

दही लैक्टिक एसिड बैक्टीरिया की मदद से दूध को फर्मेंटिंग करके बनाया जाता है। यह जीवाणु दूध में पाए जाने वाले एक गोलाकार प्रोटीन कैसिन के साथ प्रतिक्रिया करता है। बैक्टीरिया तब प्रतिक्रिया के दौरान ऊर्जा पैदा करता है, जिससे लैक्टिक एसिड बनता है। यह एसिड तब दूध में मौजूद गोलाकार प्रोटीन के साथ प्रतिक्रिया करता है और दूध की गाढ़ी बनावट यानि दही का निर्माण करता है।

 

वहीं, दूसरी ओर योगर्ट को घर पर बनाना संभव नहीं होता है। क्योंकि, यह एक अलग रासायनिक प्रक्रिया से बनता है। योगर्ट दो जीवाणु के जीवित स्ट्रेन का उपयोग करके दूध को फर्मेंटिंग कर बनाया जाता है। इसे बनाने के लिए लैक्टोबैसिलस बल्गारिकस और स्ट्रेप्टोकोकस थर्मोफिलस का इस्तेमाल होता है। बैक्टीरिया दूध में मौजूद चीनी के साथ प्रतिक्रिया करता है। प्रतिक्रिया लैक्टिक एसिड पैदा करती है, जो दूध में प्रोटीन के साथ प्रतिक्रिया कर योगर्ट बनाती है।

 

योगर्ट का उत्पादन आम तौर पर व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है और इसे कृत्रिम रूप से मीठा किया जाता है। साथ ही विभिन्न प्रकार के स्वादों में उपलब्ध कराया जाता है। लैक्टिक एसिड के निर्माण में शामिल रासायनिक प्रतिक्रिया इस प्रकार है:

 

C12H22O11 (लैक्टोज) + H2O (पानी) -> 4CH3CHOHCOOH (लैक्टिक एसिड)



लैक्टोज की मात्रा

दही में योगर्ट की तुलना में अधिक लैक्टोज होता है, लेकिन ताजे दूध की तुलना में यह मात्रा काफी कम होती है। इस वजह से जो लोग लैक्टोज बर्दाशत नहीं कर सकते, वे दही के मुकाबले योगर्ट को पसंद करते हैं। इसमें भी कुछ लोगों को ग्रीक योगर्ट पसंद होता है। आपको यह भी बता दें कि दही कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम और विटामिन बी 6 से भरपूर होता है, जबकि योगर्ट कैल्शियम, फास्फोरस और विटामिन बी 12 का स्रोत है।

 

सेहत पर किस प्रकार डालता है असर 

 

योगर्ट उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के जोखिम को कम करता है, जबकि दही मस्तिष्क को उत्तेजित करता है और पाचन को बढ़ावा देता है।




दही और योगर्ट के फ्लेवर्स

 

दही पारंपरिक रूप से बिना किसी स्वाद के ही खाया जाता है। भारत में यह चीनी या गुड़ के साथ लिया जाता है। यह सफेद होता है और इसमें खट्टा या अम्लीय स्वाद होता है, जिसका उपयोग विभिन्न प्रकार के व्यंजनों में किया जाता है। वहीं, योगर्ट कई प्रकार के स्वादों में उपलब्ध होता है। यह स्ट्रॉबेरी, आम और ब्लूबेरी फ्लेवर्स में आता है। दही की तुलना में योगर्ट का स्वाद कम खट्टा/अम्लीय होता है।

 

सेहत के लिए कौन बेहतर 

अब आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि दही और योगर्ट में से सेहत के लिए कौन बेहतर है, तो आपको बता दें कि दही और योगर्ट दोनों ही सेहत के लिए अच्छे होते हैं। इनमें पोषक तत्व होते हैं। योगर्ट प्रोटीन, पोटेशियम, मोलिब्डेनम, पैंटोथेनिक एसिड या विटामिन बी 5 का एक बड़ा स्रोत है। प्रोटीन से भरपूर होने के कारण योगर्ट वजन घटाने के लिए फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद पोटैशियम की वजह से यह उच्च रक्तचाप वाले लोगों की पसंद है। योगर्ट में प्रोबायोटिक्स भी होते हैं, जो आंत के स्वस्थ स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते हैं।

 

 वहीं, अपच की समस्या वाले लोगों के लिए दही एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। क्योंकि, यह बेहतर पाचन में मदद करता है। दही में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया एक मजबूत और स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली को बनाए रखने में मदद करते हैं। यह कैल्शियम और फास्फोरस का एक मजबूत स्रोत है। दही त्वचा के लिए भी लाभदायक होता है।

 

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