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IAS Success Story: UPSC की तैयारी के लिए छोड़ी नौकरी, 40 रैंक लाकर IAS बनी अपराजिता शर्मा

IAS Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की कठिन परीक्षाओं में शामिल है। इस लेख के माध्यम से हम आपको अपराजिता शर्मा की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने नौकरी छोड़ सिविल सेवा की तैयारी की और 40 रैंक लाकर अपने नाना जी का सपना पूरा किया। 

IAS Success Story: UPSC की तैयारी के लिए छोड़ी नौकरी, 40 रैंक लाकर IAS बनी अपराजिता शर्मा
IAS Success Story: UPSC की तैयारी के लिए छोड़ी नौकरी, 40 रैंक लाकर IAS बनी अपराजिता शर्मा

IAS Success Story: यूपीएससी की परीक्षा को पास करना आसान नहीं है। युवा इसके लिए कई सालों तक तैयारी करते हैं। लेकिन, इसके बाद भी सफलता सुनिश्चित नहीं होती है। बहुत लोगों के परिवार अपने बच्चों को अधिकारी के रूप में देखने का सपना संजोते हैं। लेकिन, बहुत ही कम परिवार का यह सपना पूरा हो पाता है। क्योंकि, इस परीक्षा में लाखों युवा शामिल होते हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ कुछ सैकड़ों युवाओं को ही अधिकारी बनने का अवसर मिलता है। आज हम आपके साथ अपराजिता शर्मा की कहानी साझा कर रहे हैं, जिन्होंने नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी की और आईएएस अधिकारी बनकर अपने परिवार खासकर नाना जी का सपना पूरा किया। तो, आईये जानते हैं अपराजिता की पूरी कहानी। 



अपराजिता का परिचय

 

अपराजिता मूल रूप से बनारस की रहने वाली हैं। उन्होंने साइंस विषयों के साथ पढ़ाई कर 12वीं कक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने रांची स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में इंजीनियरिंग में दाखिला लिया। अपराजिता की कक्षा में वह एकमात्र लड़की थी। अपराजिता के पिता रिटायर्ड आईआरएस अधिकारी व माता प्रोफेसर हैं। 



नाना जी अक्सर किया करते थे प्रेरित

अपराजिता के नाना उन्हें अक्सर आईएएस बनने के लिए प्रेरित किया करते थे। हालांकि, तब उन्हें आईएएस बनने के बारे में नहीं पता था। लेकिन, जब वह बड़ी हुईं, तो उन्हें आईएएस के बारे में पता चला। इसके बाद उन्होंने आईएएस बनने का निर्णय लिया।



2017 की परीक्षा में पाई 40 रैंक

अपराजिता की पढ़ाई पूरी होने के बाद एक बड़ी कंपनी में नौकरी लगी। हालांकि, उनकी आंखों में आईएएस बनने का सपना था। इसके लिए उन्होंने दिन रात मेहनत की। अपराजिता ने सबसे पहले सिलेबस का अच्छे से अध्ययन किया और फिर किताबों से जरूरी सभी सामग्री को पढ़ा। इसके बाद साल 2017 की परीक्षा में अपराजिता ने 40 रैंक लाकर अपने नाना समेत पूरे परिवार का सपना सच कर दिया। 

 

इंटरव्यू में न बोलें झूठ 

अपराजिता शर्मा के मुताबिक, यूपीएससी के इंटरव्यू में जाएं, तो इंटरव्यू पैनल से झूठ न बोलें। क्योंकि, पैनल में बैठे लोग विशेषज्ञ होते हैं और वह अधिक समझदार होते हैं। ऐसे में यदि किसी सवाल पर आप उनसे झूठ बोलेंगे, तो वह आपका झूठ पकड़ लेंगे। यदि किसी सवाल का जवाब नहीं आता है, तो सच बोलकर मना कर दें। क्योंकि, वहां आपका ज्ञान नहीं बल्कि आपकी ईमानदारी के साथ अन्य चीजें परखी जाती हैं। 



अधिक स्त्रोत से बचें

अपराजिता के मुताबिक, सिविल सेवा की तैयारी के दौरान अधिक स्त्रोत पर निर्भर होने के बजाय सीमित स्त्रोत को पढ़ें। साथ ही पढ़ी गई सामाग्री का बार-बार अध्ययन करें। इससे आपकी विषय पर पकड़ बनेगी। अपराजिता शर्मा ने अपनी तैयारी में छठी से 12वीं तक एनसीईआरटी को तवज्जों दी थी। इसके साथ ही उन्होंने कुछ किताबों का भी अध्ययन किया था। इन सबके साथ उन्होंने सिविल सेवा के सिलेबस को अच्छे से समझा था। क्योंकि, परीक्षा में क्या पढ़ना है और क्या नहीं पढ़ना है, यह बहुत जरूरी है। इसलिए सही रणनीति के साथ कठिन परीक्षा की तैयारी होनी चाहिए। 

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