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Incredible India: जानें नार्थ ईस्ट इंडिया के 7 सिस्टर्स के 8 सीक्रेट्स

नार्थ ईस्ट इंडिया न केवल अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए बल्कि अपने कुछ रहस्यों के लिए भी विश्व प्रसिद्ध है. आइये जानें आखिर क्या हैं इसके रहस्य 

North-East-India
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Incredible India: नार्थ ईस्ट इंडिया यानी पूर्वोत्तर भारत, देश के सबसे खुबसूरत प्राकृतिक क्षेत्रों में से एक है. इसे 7 सिस्टर्स का घर भी बोला जाता है. 7 सिस्टर्स यानी यहाँ स्थित वो 7 राज्य जो कुछ कुछ समानता और विभिन्नताओं को अपने में समाहित किये हुए ये राज्य हैं अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर, त्रिपुरा, नागालैंड, और असम. हालाकि सिक्किम नार्थ ईस्ट का भाग तो है लेकिन ये 7 सिस्टर का भाग नहीं है. ये सभी पर्वतीय राज्य हैं जो खुबसूरत पहाड़ों, घने जंगलों, तेज प्रवाह से बहती नदियों, और अनेक वन्य जीवों के घर हैं.

 नार्थ ईस्ट के हर क्षेत्र में प्राकृतिक सुंदरता पूरी तरह से समाई हुई है. लेकिन इस क्षेत्र के कुछ ऐसे भी रहस्य हैं जो इसे भारत के अन्य क्षेत्रों से अलग करते हैं. ये ऐसे राज हैं जो केवल यहाँ के स्थानीय निवासी ही जानते हैं. इस क्षेत्र में कई प्राचीन जनजातियों से लेकर कई गुप्त गुफाएं, पेड़ों की जड़ों से बने पुल, विश्व प्रसिद्ध मेलों का आयोजन आदि होता है. आइये जानें इसके 8 सीक्रेट्स के बारे में 

1- आखिरी जीवित हेडहंटिंग जनजाति का निवास 
ये क्षेत्र एक समय हेड हंटिंग के लिए बहुत अधिक प्रसिद्ध था लेकिन अब इनके मामलों में बहुत अधिक गिरावट देखी गई है. 1940-50 के दशक में नागालैंड में हेडहंटिंग बंद हो गई है, लेकिन फिर भी यहाँ आप कोन्याक जनजाति के कई बुजुर्गों को अपने चेहरों पर टैटू बनवाये देख सकते हैं जिसका अर्थ है, कि ये लोग हेडहंटिंग परिवारों से सम्बन्धित हैं.


2. मेघालय में मिलता है देश का एक मात्र मातृसत्तात्मक समाज 
 नार्थ ईस्ट के मेघालय में मिलने वाली खासी जनजाति विश्व की उन ऐसी जनजातियों में से एक हैं जहाँ आज भी समाज  मातृसत्तात्मक मिलता है. इस जनजाति में महिलाएं ही घर की मुखिया होती हैं. जो अपने घरों को चलाने के लिए कठिन परिश्रम करती हैं जबकि पुरुषों की भागीदारी निर्णयों में कम होती है. इस समाज में यदि किसी के घर बेटी पैदा होती है तो ये लोग उत्सव मानते हैं जबकि बेटे के पैदा होने पर ये उसे ईश्वर का दिया तोफा मानते हैं.

3. विश्व प्रसिद्ध अम्बुवाची मेला 
असम के कामाख्या में हर वर्ष विश्व प्रसिद्ध अम्बुवाची मेले का आयोजन होता है. कामाख्या हिन्दू धर्म का प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है. और हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रृद्धालु यहाँ दर्शनों के लिए आते हैं. विभिन्न पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जून के मध्य में मानसून के दौरान देवी कामाख्या अपने वार्षिक मासिक धर्म में चली जाती हैं. इस दौरान असम सहित देश भर में देवी को समर्पित सभी मंदिर तीन दिनों तक बंद रहते हैं. असम के निवासी इस दौरान अपने घरों में बने निजी पूजा कक्षों को भी बंद रखते हैं. अंबुबाची मेला मनाने के लिए देश भर से बड़ी संख्या में भक्त, साधु, अघोरी और सन्यासी यहाँ आते हैं.

4. मिजोरम की नगाह लू डावर संस्कृति 
मिजोरम की राजधानी आइजोल से करीब 65 किमी दूर इस क्षेत्र में सब्जियों की छोटी-छोटी दुकानें होती हैं. जहाँ तरह-तरह की सब्जियां रखी होती है और उसके पास में ही एक बाक्स रखा होता है. इन सब्जी की दुकानों पर कोई दूकानदार नही होता है लोग आकर इन दुकानों से अपनी पसंद की सब्जियां लेते हैं और उसके पैसों को पास में रखें बॉक्स में डाल देते हैं. ये सिस्टम एक विश्वास और इमानदारी से चलता है. विश्व में आज भी कहीं इस तरह का सिस्टम देखने को नहीं मिलता है.

5. तलातर गुप्त सुरंगे
तलातल घर का निर्माण असम के अहोम राजाओं ने करवाया था. इस तलातल घर को सेना के अड्डे के रूप में राजाओं द्वारा प्रयोग किया जाता था. इसमें 2 गुप्त सुरंगे और जमीन के नीचे एक 3 मंजिला इमारत स्थित है. इनका उपयोग अहोम राजा युद्ध के दौरान करते थे. कुल मिला कर इसमें 7 मंजिला इमारत और 2 सुरंगे हैं जिनमें अब जानें पर प्रतिबंध लग चुका है. क्योंकि आज तक जो इन सुरंगों में गया है वो वापस नहीं आया है. 

6. पवित्र वन - मावफलांग
मेघालय का आदिवासी समुदाय मावफलांग अपने पारंपरिक संस्थानों और संस्कृति को पुनर्जीवित करके अपने वाटरशेड और जैव विविधता की रक्षा कर रहा है. ये आदिवासी समुदाय अब देश का पहला आरईडीडी (वनों की कटाई और कमी से उत्सर्जन को कम करना) बनने के लिए तैयार है. जयंतिया की पहाड़ियों और पूरे मावफलांग के वनों में महापाषाण के अवशेष बिखरे हुए हैं. 

7. लिविंग रूट ब्रिज :
मेघालय में बने लिविंग रूट ब्रिज विश्व भर में मानव निर्मित कलाकृतियों में से एक हैं. ये अद्भुत संरचनाएं समय के साथ धीरे-धीरे विकसित हुई हैं और मेघालय के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक हैं. ये पुल पूर्ण रूप से विकसित और उलझी हुई मोटी जड़ों से बने होते हैं. जो संरचना को मजबूती प्रदान करते हैं इन पुलों में एक बार में 50 से अधिक लोग चढ़ सकते हैं. वे मुख्यतः खासी और जयंतिया जनजातियों द्वारा बनाये जाते हैं. इस तरह के पुल बनाने में इन जनजातियों को महारत हासिल है.

8. यहाँ स्थित हैं विश्व के सबसे बड़े और सबसे छोटे आइलैंड 
नार्थईस्ट के राज्य असम में विश्व के सबसे बड़े और सबसे छोटे आइलैंड स्थित हैं. यहाँ विश्व का सबसे बड़ा आइलैंड मंजुली स्थित है जो विश्व का सबसे बड़ा नदिय द्वीप आइलैंड है, जो ब्रह्मपुत्र नदी में स्थित है. उमानंद या पीकॉक आइलैंड विश्व का सबसे छोटा आइलैंड है और ये भी ब्रह्मपुत्र नदी में स्थित है.