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भारत की वर्कशॉप ने बनाया पहला डीज़ल से चलने वाला स्टीम इंजन

दक्षिण भारत स्थित गोल्डन रॉक रेलवे वर्कशॉप ने डीज़ल से चलने वाले स्टीम इंजन का आविष्कार किया है . यह भारत का पहला ऐसा स्टीम इंजन है. यहाँ पढ़ें पूरी जानकारी .  

india workshop has made its first diesel fired steam engine
india workshop has made its first diesel fired steam engine

दक्षिण भारत में स्थित गोल्डन रॉक रेलवे वर्कशॉप ने मेक इन इंडिया के तहत भारत में ऐसे स्टीम इंजन को तैयार किया है जो की डीज़ल से चलाया जाएगा . इस वर्कशॉप ने पहले भी कई ऐसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स जैसे की लोकप्रिय स्टीम लोको फ़र्न क्वीन को ओवरहॉल करना और तिरुची जिला अदालत में सदी पुरानी क्लॉक टावर की मरम्मत करना इत्यादि को सफलतापूर्वक पूरा किया हैं . 

Tiruchi : पोंमलाई स्थित गोल्डन रॉक रेलवे वर्कशॉप के द्वारा भारत का पहला डीज़ल से चलने वाला स्टीम इंजन बनाया गया है, जिसे दक्षिण रेलवे के महाप्रबंधक बीजी माल्या ने गत मंगलवार यानी 28 सितम्बर को हरी झंडी दिखाई है . इस डीज़ल से चलने वाले स्टीम इंजन का निर्माण नीलगिरी माउंटेन रेलवे के लिए किया गया है . रेलवे के सूत्रों के अनुसार यह पहला डीज़ल से चलने वाला स्टीम इंजन है . 

बीजी माल्या द्वारा वर्कशॉप की सराहना :

 गोल्डन रॉक रेलवे वर्कशॉप के इस सफलतापूर्वक अविष्कार के लिए रेलवे मंत्री बीजी माल्या ने इस वर्कशॉप की पूरी टीम की सराहना की है . रेल मंत्री ने कहा , “यह ऐसी वर्कशॉप है जिसका 100 साल से भी पुराना इतिहास है . यह एक स्वदेशी सफल प्रयास है . आने वाले दिनों में इस स्टीम लोको को नीलगिरी माउंटेन रेलवे (NMR) को दिया जाएगा .”

प्रोजेक्ट का बजट :

रेलवे अधिकारिओं का कहना है कि गोल्डन रॉक रेलवे वर्कशॉप दुनिया की चुनिन्दा पुरानी वर्कशॉप्स में से एक है . इस वर्कशॉप ने स्टीम इंजन के प्रोजेक्ट पर अगस्त २०२१ में काम शुरू किया था जिसके लिए 10 करोड़ का बजट तय किया गया था . 10 करोड़ की लागत से यह प्रोजेक्ट कामयाब रहा जिसका जल्द ही देश को फायदा होगा . 

क्या रहा गोल्डन रॉक रेलवे वर्कशॉप का कहना :

अपनी इस कामयाबी पर वर्कशॉप के मेम्बर का कहना रहा कि “ हमें स्टीम इंजन के निर्माण और ओवरहॉलिंग का अनुभव तो है लेकिन यह पहली बार है जब टीम ने डीज़ल से चलने वाले स्टीम इंजन पर काम किया है क्योंकि अधिकांश स्टीम इंजन तेल या कोयले से निर्मित किये जाते है. ऐसे में यह एक अनूठा लोको है . अपने काम की सराहना करते हुए उनका रहा की ऐसा भी हो सकता है की यह दुनिया का पहला डीज़ल से चलने वाला स्टीम इंजन भी हो.

इंजन का रोल आउट: 

डीज़ल से चलने वाले स्टीम इंजन के रोल आउट के लिए वर्कशॉप में एक समर्पित रेलवे ट्रैक का इस्तेमाल किया गया जिसका संचालन सफलतापूर्वक कर लिया गया . लोको रोल आउट की सफलता पर वर्कशॉप के कार्यकर्ता का कहना रहा की उन्हें इस बात की बेहद ख़ुशी है की सब कुछ सफलता पूर्वक हो गया . अपनी इसी ख़ुशी का इज़हार करते हुए आगे उनका कहना रहा की आने वाले समय में यह लोको नीलगिरी में आने वाले पर्यटकों के लिए ऐतिहासिक यात्रा को पेश करेगा . 

इस वर्कशॉप में केवल डीज़ल से चलने वाले स्टीम इंजन को ही हरी झण्डी नहीं दिखाई गयी बल्कि बीजी माल्या ने  इसके अलावा 606वें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम लोको और संशोधित उच्च गति वाले माल डिब्बों को भी साथ ही हरी झंडी दिखाई गयी.