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Indian Railway: रेलवे की पटरियों पर क्यों लगाई जाती है आग, जानें

Indian Railway: यदि आप कभी रेलवे से सफर कर रहे हैं और रेलवे की पटरियों पर आग लगते हुए पाते हैं, तो आपको हैरान नहीं होना है। क्योंकि, यह आग जानबूझकर रेलवे कर्मचारियों द्वारा लगाई जाती है। आग लगाने की क्या वजह है और यह कब लगाई जाती है, यह जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें। 

Indian Railway:  रेलवे की पटरियों पर क्यों लगाई जाती है आग, जानें
Indian Railway: रेलवे की पटरियों पर क्यों लगाई जाती है आग, जानें

Indian Railway: भारतीय रेलवे देश में यातायात का बहुत बड़ा साधन है। लोग एक राज्य से दूसरे राज्यों में पहुंचने से लेकर लोकल ट्रेन के माध्यम से एक शहर से दूसरे शहर तक भी सफर करते हैं। यही वजह है कि रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों की संख्या करोड़ में है। आपने भी रेलवे में जरूर सफर किया होगा। हालांकि, क्या इस बीच आपने कभी रेलवे पटरियों पर आग लगते हुई पाई है। यदि हां, तो आप यह देखकर चौंक जाते होंगे और किसी दुर्घटना होने की गलती समझ लेते होंगे। लेकिन, आपको यह जानकर हैरानी होगी कि यह आग किसी दुर्घटना की वजह से नहीं, बल्कि रेलवे कर्मचारियों द्वारा ही जानबूझकर लगाई जाती है, जिससे कोई हादसा न हो। अब सवाल है कि आग लगाने से हादसा कैसे रूक सकता है। यह जानने के लिए इस लेख को पूरा पढ़ें। 

 

कई पटरियों को जोड़कर तैयार होता है रेलवे ट्रैक

रेलवे ट्रेन के चलने के लिए कभी भी कोई लंबा ट्रैक नहीं बिछाती है, बल्कि कई पटरियों को जोड़कर रेलवे ट्रैक को तैयार करती है। इसके लिए कुछ किलोमीटर के अंतराल पर दो पटरियों को फिश प्लेट की मदद से जोड़ा जाता है। वहीं, इन पटरियों के बीच कुछ दूरी भी रखी जाती है।

 

यदि दो पटरियों को पूरा जोड़ दें, तो क्या होगा

अब सवाल है कि यदि रेलवे दोनों पटरियों को पूरी तरह से जोड़ दे, तो क्या होगा। दरअसल, रेलवे की पटरियों पर मौसम का पड़ा प्रभाव पड़ता है। रेलवे की पटरियां गर्मी के मौसम में फैलती हैं और सर्दी के मौसम में सिकुड़ती हैं। ऐसे में यदि रेलवे इन दोनों पटरियों को पूरी तरह से एक साथ मिलाकर जोड़ दे, तो पटरियों को फैलने की जगह नहीं मिलेगी। ऐसे में पटरियों में क्रैक आ सकते हैं, जिससे बड़ा ट्रेन हादसा हो सकता है। 

 

क्यों लगाई जाती है ट्रैक पर आग 

अब आप सोच रहे होंगे कि ट्रैक पर जब जगह छोड़ी जाती है, तो आग लगाने का क्या मतलब है। आपको बता दें कि तापमान कम होने पर लोहे की पटरियां सिकुड़ती हैं। ऐसे में सर्दी के मौसम में पटरियां सिकुड़ने पर क्रैक आने का डर रहता है। यही वजह है कि रेलवे के कर्मचारी रेलवे पटरियों के ज्वाइंट पर कुछ दूरी तक आग लगाते हैं, जिससे पटरियां गर्म हो जाए और सिकुड़े नहीं।

 

कैसे लगाई जाती है आग

यदि आप सोच रहे हैं कि यह आग कैसे लगाई जाती है, तो आपको बता दें कि रेलवे कर्मचारी एक कपड़े को मिट्टी के तेल या डीजल में भिगोकर रेलवे पटरियों के किनारे रख देते हैं और कुछ देर तक उन्हें जलने देते हैं। कुछ देर आग लगे रहने से पटरियां गर्म हो जाती हैं और उनमें क्रैक आने की संभावना कम हो जाती है। हालांकि, यहां भी ध्यान दिया जाता है कि पटरियों पर अधिक समय तक आग न जले।  



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