1. Home
  2. Hindi
  3. IPL Auction 2023: जानें कैसे होती है IPL के लिए नीलामी

IPL Auction 2023: जानें कैसे होती है IPL के लिए नीलामी

IPL Auction 2023: आईपीएल 2023 के लिए मिनी ऑक्शन की शुरुआत हो गई है। इसके लिए कोचिन में नीलामी चल रही है। इस बार 405 खिलाड़ी नीलामी में शामिल हो रहे हैं, जिसमें 273 भारतीय खिलाड़ी हैं। वहीं, अधिकतम 87 खिलाड़ी खरीदे जाएंगे। इस लेख के माध्यम से हम यह जानेंगे कि आखिर किस प्रकार नीलामी की प्रक्रिया होती है।

IPL Auction 2023: जानें कैसे होती है IPL के लिए नीलामी
IPL Auction 2023: जानें कैसे होती है IPL के लिए नीलामी

IPL Auction 2023: क्रिकेट प्रेमियों के लिए आईपीएल बहुत महत्वपूर्ण है। इस बार 2023 में होने वाले आईपीएल खेलों के लिए कोचिन में खिलाड़ियों की नीलामी के साथ शंखनाद हो गया है। आईपीएल 2023 दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग का 16वां सीजन है। पिछले साल का आईपीएल मेगा ऑक्शन सुपरहिट रहा था, क्योंकि हर फ्रेंचाइजी को शुरुआत से अपनी टीम बनानी पड़ी थी। इस लेख के माध्यम से हम यह जानेंगे कि आखिर किस प्रकार खिलाड़ियों की नीलामी की जाती है। 

 

आईपीएल नीलामी की प्रक्रिया

 नीलामी में शामिल होने के लिए खिलाड़ी सबसे पहले रजिस्ट्रेशन कराते हैं। इस बार की बात करें तो 15 देशों के 991 खिलाड़ियों ने नीलामी के लिए नाम दिया था। हालांकि, इनमें से 369 खिलाड़ियों का नाम शॉर्टलिस्ट किया गया। फ्रेंचाइजियों के कहने पर इसमें 36 खिलाड़ियों का नाम अलग से जोड़ा गया, जिसके बाद नीलामी में शामिल होने वाले खिलाड़ियों की कुल संख्या 405 हुई। गेंदबाज, बल्लेबाज, ऑलराउंडर व विकेटकीपर को अलग-अलग समूह में रखा गया है। इन सब पर भी बोली लगाई जाएगी।  

 

नीलामी में  कौन होते हैं सोल्ड या अनसोल्ड खिलाड़ी?

नीलामी के दौरान नीलामीकर्ता खिलाड़ियों का नाम और उनका बेस प्राइस की घोषणा करते हैं। इस बीच फ्रेंचाइजी अपना पैडल उठाकर बोली लगाती हैं। आपको बता दें कि  जिन खिलाड़ियों के लिए कम से कम एक भी फ्रेंचाइजी ने पैडल उठाया होता है, उन्हें ‘सोल्ड’ यानि बिका हुआ माना जाता है। इसके साथ ही एक खिलाड़ी पर एक से अधिक फ्रेंचाइजी बोली लगा सकती है, जिसने सबसे अधिक रुपये की बोली लगाई, वह खिलाड़ी उस टीम के लिए खेलता है। वहीं, यदि किसी खिलाड़ी के लिए किसी भी फ्रेंचाइजी ने पैडल नहीं उठाया होता, तो वह खिलाड़ी अनसोल्ड कैटेगरी में चला जाता है। 

क्या होती है कैप्ड और अनकैप्ड खिलाड़ियों की श्रेणी  

क्या आपको पता है कि आईपीएल में कैप्ड व अनकैप्ड श्रेणी भी होती है। कैप्ड श्रेणी में वे खिलाड़ी आते हैं, जिन्होंने अपने देश के लिए टेस्ट, वनडे या टी-20 मैच खेला होता है। वहीं, अपने देश के लिए एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेलने वाले खिलाड़ी अनकैप्ड होते हैं। आपको यह भी बता दें कि एक टीम में अधिकतम 25 खिलाड़ी हो सकते हैं, वहीं कम से कम 18 खिलाड़ी की एक टीम होती है। 

 

यहां यह जानना भी जरूरी है कि एक फ्रेंचाइजी अपनी टीम में कुल 25 खिलाड़ियों में अधिकतम 8 विदेशियों को ले सकती है। कई टीमें तीन विदेशियों के साथ मैच में उतर चुकी हैं। यानि प्लेइंग-11 में 4 से ज्यादा खिलाड़ियों को नहीं रखा जा सकता है।

 

राइट टू मैच कार्ड 

आईपीएल में फ्रेंचाइजियों को राइट टू मैच कार्ड (आरटीएम) भी दिया जाता है। इसके लिए अपने पुराने खिलाड़ियों को अपनी टीम में लाने में सफलता मिलती है। इसके माध्यम से खिलाड़ी के लिए लगी उच्चतम बोली के बराबर कीमत देनी होती है। हालांकि, इस बार कोई भी टीम राइट टू मैच कार्ड (आरटीएम) का इस्तेमाल नहीं कर रही है।

 

कैसे तय होता है खिलाड़ियों का बेस प्राइज

आइपीएल में कैप्ड और अनकैप्ड खिलाड़ियों के लिए बेस प्राइस अलग-अलग निर्धारित होता है। अनकैप्ड खिलाड़ी के तीन बेस प्राइस होते हैं। ये  खिलाड़ी अपना रजिस्ट्रेशन 20, 30 और 40 लाख रुपये की श्रेणी में करा सकते हैं। यदि  कैप्ड खिलाड़ियों की बात करें तो, इनकी पांच श्रेणियां हैं। ये खिलाड़ी अपना नाम 50 लाख, 70 लाख, एक करोड़, 1.5 करोड़ और दो करोड़ रुपये में रख सकते हैं। खिलाड़ियों के पास यह अधिकारी होता है कि वे किस श्रेणी में अपना नाम दे। 

 

क्या होता है साइलेंट टाई-ब्रेकर?

क्या आपको पता है कि आईपीएल नीलामी में साइलेंट टाईब-ब्रेकर नाम की भी चीज होती है। यदि किसी खिलाड़ी को खरीदने में बोली लगाने के दौरान दो टीमों का पैसा समाप्त हो जाता है और टाई हो जाता है, तो दोनों फ्रेंचाइजी अंतिम बंद बोली राशि जमा कर सकती हैं। इसमें जिस टीम ने उच्च बोली लगाई होती है, वह जीत जाती है। 

 

क्या होता है एक्सलरेटेड ऑक्शन ?

आईपीएल नीलामी में  एक्सलरेटेड ऑक्शन भी होता है। इसमें जो खिलाड़ी शुरुआती दौर में नहीं बिकते हैं, उनके पास एक्सलरेटेड ऑक्शन के दौरान चुने जाने का अंतिम मौका होता है। इसके लिए सभी फ्रेंचाइजी उन खिलाड़ियों की सूची तय करती हैं, जिन्हें वे खरीदना चाहते हैं और उन्हें नीलामकर्ता को सौंपती हैं। सूची में ऐसे खिलाड़ी शामिल होते हैं, जिन्हें अभी तक ऑक्शन में नहीं लाया गया है या जो पहले बिना बिके रह गए थे।