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IPS Success Story: पत्रकारिता से शुरू किया करियर, UPSC में चार बार फेल और 5वें प्रयास में IPS बने अक्षत कौशल

IPS Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की कठिन परीक्षाओं में शामिल है। आज हम आपको अक्षत कौशल की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने चार बार यूपीएससी परीक्षा में असफलता देखने के बाद पांचवें प्रयास में 55वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनने तक का सफर पूरा किया। 

IPS Success Story: पत्रकारिता से शुरू किया करियर, UPSC में चार बार फेल और 5वें प्रयास में IPS बने अक्षत कौशल
IPS Success Story: पत्रकारिता से शुरू किया करियर, UPSC में चार बार फेल और 5वें प्रयास में IPS बने अक्षत कौशल

IPS Success Story: संघ लोक सेवा आयोग(UPSC) की ओर से आयोजित की जाने वाली सिविल सेवा परीक्षाओं के माध्यम से अधिकांश युवा अधिकारी बनने का सपना संजोते हैं। लेकिन, यह सपना देखना आसान होता है और सच करना मुश्किल होता है। क्योंकि, इसे सच करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। कुछ युवा होते हैं, जो असफल होकर हार मान लेते हैं और पीछे हट जाते हैं। लेकिन, कुछ युवा होते हैं, जो तब तक नहीं रूकते,  जब तक उन्हें सफलता नहीं मिल जाती है। आज हम आपको अक्षत कौशल की कहानी बताने जा रहे हैं, जो कभी पेशे से पत्रकार हुआ करते थे और बाद में दिन-रात मेहनत कर खुद को आईपीएस अधिकारी के रूप में बदल लिया। 

 

अक्षत कौशल का परिचय

अक्षत कौशल फरीदाबाद के रहने वाले हैं। उन्होंने फरीदाबाद से ही अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की। इसके बाद उन्होंने कॉलेज ऑफ इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन्स में इंजीनियरिंग की। पत्रकारिता में रूचि होने के कारण उन्होंने बाद में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ  मास कम्यूनिकेशन्स(IIMC) से अंग्रेजी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया। इसके बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक अखबार में बतौर रिपोर्टर शुरू की। साल 2010 से 2016 तक वह अखबार में काम करते रहे और स्पेशल कॉरेसपांडेट पद तक पहुंचे। 

 

साल 2012 में शुरू की थी तैयारी 

अक्षत कौशल ने साल 2012 से अपनी यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने साल 2013 में पहली बार परीक्षा दी और फेल हो गए। हालांकि, उन्होंने फिर से मेहनत की और एक साल की तैयारी के बाद 2014 में फिर से परीक्षा दी, लेकिन इस बार भी वह फेल हो गए। फेल की वजह से काफी निराश हुए, लेकिन हार नहीं मानी। उन्होंने खुद को फिर से तैयार किया और एक बार फिर परीक्षा दी। इस बार उन्हें उम्मीद थी कि वह सफल हो जाएंगे, लेकिन इस बार भी वह फेल साबित हुए। तीन बार की असफलताओं के बाद उनका हौंसला कम होने लगा था, लेकिन उनके परिवार ने उन्हें हिम्मत दी। इसके बाद वह फिर से तैयारी में जुट गए और अपना चौथा प्रयास किया। हालांकि, इस बार भी उनकी किस्मत में सफलता नहीं लिखी थी। ऐसे में चौथी बार भी उन्हें असफलता का सामना करना पड़ा। चार बार की असफलता के बाद अक्षत पूरी तरह से टूट गए। 

 

फेल होने के बाद यूपीएससी की राह छोड़ने का लिया फैसला

अक्षत जब चार बार फेल हुए, तो उन्होंने यूपीएससी परीक्षा न देने का फैसला किया। हालांकि, इस बीच उनके दोस्तों ने उन्हें समझाया और एक और प्रयास देने के लिए कहा। प्रिलिम्स की परीक्षा में सिर्फ 17 दिन बचे थे, इस बीच उन्होंने कड़ी मेहनत की और प्रिलिम्स की परीक्षा को पास किया। अक्षत ने मेंस और इंटरव्यू के  लिए पूरी मेहनत के साथ दिन-रात एक कर तैयारी शुरू कर दी थी। उन्होंने अपने पांचवे रैंक में 55वीं रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा को पास कर लिया था। वहीं, वह इस रैंक के साथ आईएएस अधिकारी भी बन सकते थे, लेकिन उन्होंने आईपीएस बनने का विकल्प चुना। 



अति आत्मविश्वास में न रहें अभ्यर्थी

अक्षत के मुताबिक, आत्मविश्वास बहुत जरूरी है, लेकिन अति आत्मविश्वास ठीक नहीं है। ऐसे में अपनी गलतियों से सबक लेते हुए उनसे सीखना चाहिए। यदि आप किसी विषय में अच्छे हैं, तो भी उसे बारीकी से पढ़ें और पूरी तैयारी के साथ परीक्षा दें। साथ ही तैयारी के दौरान विशेषज्ञों से सलाह लेते रहें। 

 

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