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IPS Success Story: सेल्फ स्टडी से क्रैक किया UPSC, पढ़ें Delhi Police में ACP लक्ष्य पाण्डेय की कहानी

IPS Success Story: आईपीएस लक्ष्य पाण्डेय ने अपने जीवन में फेल होने से हार नहीं मानी, बल्कि अपनी गलतियों से सीखकर भविष्य की नींव को तैयार किया। आज हम आपको दिल्ली में रहने वाले लक्ष्य पाण्डेय की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने सेल्फ स्टडी के माध्यम से सफलता तक का सफर पूरा किया। 

IPS Success Story: सेल्फ स्टडी से क्रैक किया UPSC, पढ़ें Delhi Police में ACP लक्ष्य पाण्डेय की कहानी
IPS Success Story: सेल्फ स्टडी से क्रैक किया UPSC, पढ़ें Delhi Police में ACP लक्ष्य पाण्डेय की कहानी

IPS Success Story: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करने का कई युवाओं का सपना होता है। परीक्षा पास कर कई युवा वर्दी पहनने का सपना देखते हैं, लेकिन यह सफर इतना आसान नहीं होता है। जीतता वही है, जो धैर्य, निष्ठता और एकाग्र होकर अपनी तैयारी में लगा रहता है। यही वजह है कि इस परीक्षा में लाखों युवा शामिल होते हैं, लेकिन सैंकड़ों की संख्या में ही युवा सफलता के शिखर तक पहुंचते हैं। जो युवा पहले ही हार मान लेते हैं, वे आधे सफर से ही वापस चले जाते हैं। वहीं, महंगी-महंगी कोचिंग में दाखिले लेकर तैयारी करने के बाद भी सिविल सेवा परीक्षा में सफलता निश्चित नहीं होती है। आज हम आपको दिल्ली में रहने वाले लक्ष्य पाण्डेय की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने सेल्फ स्टडी के माध्यम से सिविल सेवा परीक्षा को पास किया और आईपीएस अधिकारी बने।  

 

लक्ष्य पाण्डेय का परिचय

मूल रूप से उतराखंड के अल्मोड़ा जिले के खनुली गांव के रहने वाले लक्ष्य पाण्डेय की स्कूल से लेकर कॉलेज शिक्षा दिल्ली में ही पूरी हुई। पाण्डेय ने अपनी स्कूल शिक्षा दिल्ली के लोधी रोड स्थित स्थित बनयान ट्री स्कूल में पूरी की। वह शुरू से ही पढ़ने में होशियार थे। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद क उन्होंने दिल्ली में ही गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय(IPU) से बी.टेक में स्नातक की पढ़ाई की। 

 

पिता सेवानिवृत अधिकारी व मां चलाती हैं ब्यूटी पार्लर

लक्ष्य पाण्डेय के पिता चंद्र प्रकाश पाण्डेय मुख्य फार्मासिस्ट के पद से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और उनकी मां भगवती पाण्डेय नई दिल्ली में ही अपना ब्यूटी पार्लर चलाती हैं। वह परिवार के साथ दिल्ली में ही रहते हैं। 



तीन बार असफल हुए पाण्डेय 

लक्ष्य पाण्डेय का शुरू से ही पढ़ने की तरफ झुकाव रहा। वह पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर रहते थे। अपने स्नातक की पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा दी, लेकिन वह पहली बार में असफल हो गए। हालांकि, उन्होंने अपनी असफलता से हार मानने के बजाय उससे सीखा और फिर से तैयारी में जुट गए। इस बार उनका दूसरा प्रयास था, उन्होंने अच्छे से तैयारी की, लेकिन इस बार भी वह असफल रहे। हालांकि, उन्होंने  हार का रास्ता चुनने के बजाय अपनी मंजिल की तरफ जानने वाला रास्ता चुना और फिर से तैयारी में जुट गए। इस बार उन्होंने जमकर मेहनत की पूरी तैयारी के साथ परीक्षा में शामिल हुए। हालांकि, इस बार भी किस्मत को उनकी हार मंजूरी थी। वह अपने तीसरे प्रयास में भी असफल हो गए। लेकिन, सफलता की जिद पालने वाले लक्ष्य पाण्डेय अब भी रूकने वाले नहीं थे, तो उन्होंने फिर से अपनी तैयारी में जुटने का फैसला किया। वह इस बार और कड़ी मेहनत के साथ जुट गए और अपनी कमियों पर काम करते हुए एकाग्र होकर तैयारी की। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि इसके लिए उन्होंने किसी भी कोचिंग संस्थान से मदद नहीं ली, बल्कि सेल्फ स्टडी को ही सफलता तक पहुंचने का रास्ता बनाया। 

 

चौथे प्रयास में परीक्षा पास कर हासिल की 316 रैंक

अपने चौथे प्रयास के लिए पूरी तरह से होकर लक्ष्य पाण्डेय ने 2018 में परीक्षा दी और इस बार सफलता का शिखर चूमते हए 316 रैंक प्राप्त की। परीक्षा पास करने पर उनका चयन आईपीएस अधिकारी के रूप में हुआ।



वर्तमान में दिल्ली पुलिस में एसीपी के रूप में कार्यरत हैं पाण्डेय

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, लक्ष्य पाण्डेय वर्तमान में दिल्ली पुलिस में एसीपी के रूप में कार्यरत हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में रहते हैं। वह अक्सर अपने सोशल मीडिया अकाउंड के माध्यम से यूपीएससी की तैयारी कर रहे बच्चों को सफलता के टिप्स भी शेयर करते रहते हैं। 

 

लक्ष्य की यात्रा हमें यह बताती है कि यदि आप अपने जीवन में किसी लक्ष्य के प्रति समर्पित हैं और मेहनत करने के साथ धैर्य रखते हैं, तो आपको लक्ष्य हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता। जीवन में असफलताएं आएंगी, लेकिन असफलताओं से सीखकर सफलता के शिखर तक पहुंचा जा सकता है। 

 

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