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जानिये नोबेल प्राइज़ से जुड़े 5 रोचक तथ्य

अक्टूबर का महीना शुरू होते ही नोबेल प्राइज का सीज़न शुरू हो जाता है लेकिन क्या आप नोबेल प्राइज से जुडी यह दिलचस्प बातें जानते हैं ? यहाँ पढ़ें पूरी जानकारी 

know five interesting facts about nobel prize
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अक्टूबर का महीना शुरू होते ही नोबेल प्राइज का सीजन शुरू हो जाता है जिसमें  छः दिन छः पुरुस्कारों की शुरुआत हो चुकी है जिसके लिए दुनिया भर से वैज्ञानिक, लेखक ,अर्थशास्त्री और समाज सेवियों के नाम रोस्टर में आ चुके हैं . 

इस साल के नोबेल प्राइज़ की शुरुआत आज यानि 3 अक्टूबर से हो चुकी है जिसमें मेडिसिन अवार्ड दिया गया है और आगे फिजिक्स , केमिस्ट्री और साहित्य के अवार्ड क्रमशः मंगलवार से दिए जाएंगे और 2022 का नोबेल पीस प्राइज 10 अक्टूबर को दिया जाएगा . लेकिन क्या आप जाने हैं की नोबेल प्राइज़ कैसे शुरू हुए और किस तरह से यह वितरीत किये जाते है यदि नहीं तो जानिये नोबेल प्राइज़ से जुड़े 5 रोचक तथ्य .

कैसे शुरू किया गया नोबेल प्राइज़ 

नोबेल प्राइज की शुरुआत अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत पर हुई थी जो की स्वेड्स के एक अमीर उद्योगपति थे . अल्फ्रेड वहीं इंसान है जिन्होंने डायनामाइट का आविष्कार किया था . गौरतलब है की अर्थशास्त्र का नोबेल प्राइज़ अल्फ्रेड के द्वारा शुरू नही किया गया था बल्कि यह स्वीडन के केन्द्रीय बैंक कें द्वारा शुरू किया गया था .

ज्ञात हो कि 1901 से 2021 के बीच में नोबेल पुरूस्कार ६०९ बार वितरीत कर दिया गया है . 

क्या मिलता है पुरूस्कार 

नोबेल प्राइज़ दुनिया के सबसे बड़े पुरुस्कारों में से एक है जिसे प्राप्त करना भी बेहद मुश्किल है . लेकिन जब कोई इतनी मेहनत के बाद इस पुरूस्कार को प्राप्त कर लेता है तो उसे भेंट स्वरुप मिलने वाली चीज़ें भी कम नही होती. नोबेल प्राइज़ जीतने वाले इंसान को एक डिप्लोमा  व गोल्ड मैडल के साथ 10 मिलियन क्रोनर मिलते हैं जो की 9 लाख मिलियन के बराबर होते हैं . प्राइज जीतने वाले विजेताओं का सम्मान प्रत्येक वर्ष अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि यानी 10 अक्टूबर को किया जाता है . 

कौन जीतता है नोबेल प्राइज़ 

नोबेल प्राइज कोई आम पुरूस्कार नहीं है इसका अंदाज़ा इसके विजेताओं को मिलने वाली राशि के अनुसार भी लगाया जा सकता है . इसलिए ही इस पुरूस्कार को जीतना भी आसान नही है. नोबेल प्राइज जीतने के लिये किसी एक दिन की मेहनत की  आवश्यकता नही होती बल्कि इस पुरूस्कार को जीतने वाले लोगों को सालों तक धैर्य रखना होता है . विशेषतौर पर वैज्ञानिकों के कार्य को तो दशकों के बाद पहचाना जाता है जिससे की यह साबित हो जाता है की यह आविष्कार समय के साथ अपनी प्रासंगिकता को खत्म नही करता बल्कि यह हर समय में उसी तरह खड़ा रहेगा . 

सामान्य शब्दों में कहा जाए तो नोबेल पुरूस्कार उन लोगों को  मिलता हैं जिन्होंने गत वर्ष में मानव जाती कल्याण के लिए कुछ विशेष किया हो . 

कौन दे सकता है नामांकन  

नोबेल प्राइज़ के लिए कोई व्यक्ति स्वयं को नामांकित नही कर सकता लेकिन दुनिया भर के हज़ारों लोग नामांकन जमा करने के लिए योग्य हैं . इन लोगों में कैबिनेट मंत्री , राज्य प्रमुख , विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर और स्वयं समिति के सदस्य शामिल हैं. गौरतलब है कि नामांकन को 50 वर्षो तक गुप्त रखा जाता है. 

कैसे होता है नोबेल प्राइज़ के लिए चयन 

नोबेल शान्ति पुरुस्कार के लिए विजेता चयन करने का अधिकार नॉर्वेगियन नोबेल ( Norwegian nobel committee)  समिति के पास है . यह एक पांच सदस्यीय समिति है जिसकी नियुक्ति नॉर्वे के पर्लियामेंट के द्वारा होती है . इस समिति के द्वारा विजेता चुनने का आधार अल्फ्रेड नोबेल का सिद्धांत है जिसमें उनका कहना है की यह पुरूस्कार उस व्यक्ति को मिलेगा जिसने मानवता के प्रति सबसे अधिक समर्पित होगा . 

इसके साथ ही फिजियोलॉजी और मेडिसिन एक क्षेत्र में विजेता कारोलिंसका इंस्टिट्यूट ,फिजिक्स व केमिस्ट्री के लिए द रॉयल स्वीडिश अकादमी ऑफ़ साइंस  (The Royal Swedish Academy of Sciences) तथा साहित्य में पुरूस्कार के लिए द स्वीडिश अकादमी के द्वारा विजेता चुना जाता है .