1. Home
  2. Hindi
  3. दोस्त ने दिया धोखा ,उधार के नोट्स से तैयारी कर बनें निरीश IAS अधिकारी

दोस्त ने दिया धोखा ,उधार के नोट्स से तैयारी कर बनें निरीश IAS अधिकारी

UPSC की परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों की कहानी बेहद प्रेरणादायक होती है. इनके संघर्ष एक मिसाल होते हैं. ऐसी ही कहानी है IAS निरीश राजपूत की. जानें इनके संघर्षों से भरी मोटिवेशनल सक्सेस स्टोरी. 

know how nirish became ias officer by preparing with loan notes
know how nirish became ias officer by preparing with loan notes

UPSC की परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक है. इस परीक्षा के तीन चरण होते हैं जिनसे गुज़रने के बाद उम्मीदवार सिविल सेवक की कुर्सी तक पहुँचता है लेकिन इन तीन चरणों को पास करना बिल्कुल भी आसान काम नही है. उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए सालों मेहनत करते हैं तब कहीं जाकर इस परीक्षा को पास किया जाता है. 

इस परीक्षा को पास करने वाले उम्मीदवारों की कहानी बेहद प्रेरणादायक होती है क्योंकि उनका संघर्ष हिम्मत और धैर्य की नयी मिसाल कायम करता है. 

ऐसे ही एक IAS अधिकारी हैं निरीश राजपूत. हालांकि निरीश अब किसी भी परिचय के मोहताज़ नहीं हैं लेकिन खुद को इस काबिल करने के लिए निरिश ने बहुत संघर्ष किये हैं. निरीश साक्षात इस वाक्य के उदाहरण हैं की यदि इरादा पक्का हो तो कोई भी मुश्किल आपको रास्ते से भटकने नहीं देगी. 

मध्यप्रदेश के रहने वाले निरीश एक दर्ज़ी के बेटे हैं. निरीश के अलावा घर में उनके दो बड़े भाई भी है जो की टीचर हैं. निरीश आर्थिक रूप से एक कमज़ोर परिवार से तल्ल्कुल रखते हैं लेकिन कभी भी निरीश ने हिम्मत नहीं हारी और अपने सपने को सच बनाने के लिए हर मुमकिन प्रयास करते रहे.

निरिश ने ग्वालियर के सरकारी स्कूल और कॉलेज से पढ़ाई की है. निरीश बचपन से ही पढ़ाई में काफी होशियार रहे हैं. निरीश ने B.Sc और M.Sc दोनों में टॉप किया है.

अखबार भी बेचते थे निरिश 

निरीश के घर के आर्थिक हालात बिल्कुल भी ठीक नहीं थे जिस कारण उनके पास उनकी फीस भरने के भी पैसे नहीं हुआ करते थे. अपनी फीस भरने और घर के खर्चों में हाथ बंटाने के लिए निरीश घरों में जाकर अखबार बांटकर कुछ पैसे जुटाया करते थे.

दोस्त ने दिया धोखा 

निरीश पहले से ही घर के आर्थिक हालातों से जंग लड़ रहे थे ऐसे में उनके एक ख़ास दोस्त से मिले धोखे ने उन्हें बुरी तरह झंझोर कर रख दिया. दरअसल निरीश के दोस्त ने एक कोचिंग सेंटर खोला था जिसमें निरीश छात्रों को पढ़ाते थे लेकिन जब 2 साल कोचिंग सेंटर अच्छे से चलने लगा तो निरिश के दोस्त ने उन्हें कोचिंग सेंटर से निकाल दिया. 

उधार के नोट्स से की पढ़ाई 

अपने दोस्त से धोखा मिलने के बाद निरीश दिल्ली चले गये लेकिन निरीश के घर के हालत तो पहले से थी ठीक नहीं थे और ऊपर से उनके पास जो नौकरी थी वह भी छीनीं जा चुकी थी जिस कारण निरिश के पास UPSC की कोचिंग ज्वाइन करने के लिए बिल्कुल भी पैसे नहीं थे. 

निरीश की ऐसी स्थिति में उनके एक दोस्त ने उनकी मदद की और उन्हें UPSC परीक्षा के नोट्स उधार दिए. निरीश ने उन्हीं उधार के नोट्स से पढ़ाई की और यह परीक्षा पास की.

3 बार हुए असफल 

 निरीश के लिए सफलता की राह बिल्कुल भी आसान नहीं थी. निरीश दिन में 18-18 घंटे भी पढ़ाई किया करते थे लेकिन फिर भी अपने पहले 3 एटेम्पट में निरीश के हाथ केवल असफलता ही लगी लेकिन फिर भी निरीश ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत को जारी रखा. आखिरकार निरीश की मेहनत रंग लायी और अपने चौथे एटेम्पट में 370वीं रैंक के साथ निरीश IAS अधिकारी बन गये.