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जानिएं देश के नए समृद्धि Expressway के फीचर्स

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में महाराष्ट्र में नागपुर-मुंबई समृद्धि महामार्ग के 520 किलोमीटर लंबे फेज-1 का उद्घाटन किया है। नागपुर और शिरडी को जोड़ने वाला यह मार्ग दोनों शहरों की बीच की दूरी कम करने के साथ समय की भी बचत करेगा।

जानिएं देश के नए समृद्धि Expressway के फीचर्स
जानिएं देश के नए समृद्धि Expressway के फीचर्स

वैसे तो देश में 26 से ज्यादा एक्सप्रेसवे चालू हैं। इस लिस्ट में एक और एक्सप्रेसवे समृद्धि महामार्ग भी जुड़ गया है। इसका पूरा नाम हिंदु हृद्यसम्राट बाला साहेब ठाकरे महाराष्ट समृद्धि महामार्ग है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में इसके पहले चरण के तहत नागपुर-मुंबई के बीच 520 किलोमीटर की दूरी वाले महामार्ग का उद्घाटन किया है। इससे दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय 16 घंटे से घटकर 08 घंटे होने की उम्मीद है। 

 

महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) के अनुसार, जो कि एक्सप्रेसवे का कार्यान्वयन प्राधिकरण है, नागपुर और मुंबई के बीच पूरे 701 किलोमीटर को पूरा करते हुए 181 किलोमीटर के शेष हिस्से को जुलाई 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा।

 

परियोजना की कुल लागत 55,335.32 करोड़ रुपये आंकी गई है। एमएसआरडीसी के अनुसार, इसमें से 88.19  फीसदी वित्तीय प्रगति प्राप्त की जा चुकी है। एजेंसी के मुताबिक, सड़क चौड़ीकरण और इंटरचेंज के लिए 88,61.02 हेक्टेयर का अधिग्रहण किया गया था, जिसके लिए मुआवजे के रूप में 8,008.97 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।

 

16 पैकेज में बांटा गया है एक्सप्रेसवे

समृद्धि महामार्ग निर्माण कार्य को 16 पैकेज में बांटा गया था। पैकेज 1 से 13 को 30 महीने में, 14 से 16 को 36 महीने में पूरा करना था। समयरेखा के अनुसार सितंबर 2022 तक सड़क पूरी तरह से तैयार होने की उम्मीद थी। हालांकि, कोविड के कारण इस परियोजना में देरी हुई।

 

 

Samruddhi expressway

 

महामार्ग में कितने फ्लाईओवर और पुल 

समृद्धि महामार्ग में 73 फ्लाईओवर और वायाडक्ट होंगे, जिनमें से 52 बनकर तैयार हैं। वहीं, रास्ते में कुल 32 बड़े पुल होंगे, जिनमें से 31 बनकर तैयार हो गए हैं। इनमें से आठ रेल ओवरब्रिज होंगे, जिनमें छह बनकर तैयार हैं। 317 छोटे पुल होंगे, जिनमें से 308 बनकर तैयार हैं। एलिवेटेड कॉरिडोर, टनल और इंटरचेंज एक्सप्रेसवे का हिस्सा हैं।



जंगली जानवरों का किया गया है संरक्षण

इस परियोजना में वन्यजीवों का भी ध्यान रखा गया है। समृद्धि महामार्ग के लिए एमएसआरडीसी ने 326 करोड़ रुपये की लागत से वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 84 अंडरपास और ओवरपास बनाए हैं। एक्सप्रेसवे विदर्भ के नागपुर, वर्धा, अमरावती, वाशिम और बुलढाणा जिलों में 117 किलोमीटर के वन्यजीव आवासों, बाघ गलियारों, तानसा के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों, कटेपुरना और करंजा सोहोल वन्यजीव अभयारण्यों से होकर गुजरता है। वाहनों से वन्यजीवों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो, इसके लिए ध्वनि अवरोधक भी लगाए गए हैं।

 

एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर होगा पौधरोपण

 

एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों पर करीब 33.64 लाख बड़े और छोटे पेड़ और लताएं लगाई जाएंगी। कॉरिडोर के किनारे 11.31 लाख पेड़ लगाए जाएंगे, बाकी झाड़ियां और लताएं होंगी। समृद्धि एक्सप्रेसवे इस प्रकार एक हरा-भरा गलियारा होगा। सौंदर्यीकरण के लिए, 694 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे और चार साल में पौधरोपण किया जाएगा।

 

सार्वजनिक परिवहन प्रणाली पर भी हो रहा काम

 

चालकों द्वारा एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने के बाद इससे बाहर निकलने पर उन्हें टोल टैक्स देना होगा। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) भी विशिष्ट मार्गों पर एक्सप्रेसवे पर बस सेवा चलाने की योजना बना रहा है।

MSRTC के एक अधिकारी के मुताबिक, चूंकि एक्सप्रेसवे एक ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है और शहरों के अंदर नहीं जाता है, वे रूट और बसों की संख्या को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में हैं, जो चल सकती हैं। एमएसआरटीसी के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शेखर चन्ने ने मीडिया को बताया कि "हम योजना बना रहे हैं कि एक्सप्रेसवे के माध्यम से बसों को कैसे और किन मार्गों पर चलाया जाना चाहिए और जल्द ही हम बस सेवाएं शुरू करेंगे।"

 

रास्ते में मिलेंगी यह सुविधाएं

 

रास्ते में यात्रियों को करीब 20 तरह की सुविधाएं मिलेंगी। इसमें नौ स्टैंडअलोन ईंधन स्टेशनों के अलावा यात्रियों के लिए फूड हब, पेट्रोल पंप, इलेक्ट्रिक चार्जिंग पोर्ट, पार्किंग, ट्रॉमा सेंटर और एम्बुलेंस आदि जैसी सुविधाएं शामिल हैं। 



पानी का भी किया गया है संरक्षण

समृद्धि महामार्ग के किनारे विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्रों के सूखाग्रस्त क्षेत्रों में 1,000 से अधिक नए खेत तालाब और चेक डैम बनाए गए हैं।

 

बिजली का भी होगा उत्पादन

सौर ऊर्जा से कुल 138.47 मेगावाट बिजली का उत्पादन प्रस्तावित है।

 

एक्सप्रेसवे का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट से होगी कनेक्टिविटी

समृद्धि महामार्ग का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट से सीधा संपर्क होगा। यह माल, कृषि उत्पादों, डेयरी उत्पादों और जनशक्ति को पूरे महाराष्ट्र से देश और विदेश के बाजारों में तेजी से परिवहन की सुविधा प्रदान करेगा। यह अजंता एलोरा की गुफाओं, शिर्डी, वेरुल, लोनार आदि जैसे पर्यटन स्थलों को भी जोड़ेगा।

 

कृषि समृद्धि केंद्र की सुविधा

कुछ इंटरचेंजों पर, 'कृषि समृद्धि केंद्र' नामक नए कस्बों को मार्ग के साथ स्थापित किया जा रहा है। सरकार ने ऐसे शहरों के विकास के लिए 18 स्थलों को अधिसूचित किया है। इन स्थानों पर कौशल विकास केंद्र, अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, शैक्षणिक संस्थान और आईटी पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है। इन कस्बों में स्थापित कृषि आधारित उद्योग किसानों को कृषि आय बढ़ाने में मदद करने के लिए रोजगार, स्वरोजगार और अन्य अवसर प्रदान करेंगे।