1. Home
  2. Hindi
  3. जानिये क्या होता है मियावाकी जंगल जिसका PM मोदी ने किया लोकार्पण

जानिये क्या होता है मियावाकी जंगल जिसका PM मोदी ने किया लोकार्पण

राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मियावाकी जंगल का लोकार्पण किया है . यह एक विशेष तरह का जंगल होता है जिससे कम समय में तेज़ी से घना जंगल प्राप्त किया जाता है. जानिये इस जंगल से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें. 

know what is miyawaki forest inaugurated by pm modi
know what is miyawaki forest inaugurated by pm modi

राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर देश के प्रधानमंत्री ने गुजरात में स्टेच्यू ऑफ़ यूनिटी के पास बने मियावाकी जंगल का लोकार्पण किया.  सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर PM मोदी ने स्टेच्यू ऑफ़ यूनिटी पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने स्टेच्यू के पास बने मियावाकी जंगल का लोकार्पण भी किया. 

क्या होते हैं मियावाकी जंगल 

मियावाकी जंगल एक ख़ास तरह का जंगल होता है जिसकी खोज जापान के बॉटेनिस्ट अकीरा मियावाकी ने की थी . इस जंगल को विशेष तरीके से उगाया जाता है ताकि इन्हें लंबे समय तक हरा-भरा रखा जा सके . मियावाकी जंगल की खासियत है की यह कम समय में अधिक हरियाली फ़ैलाते हैं और साथ ही इनसे निकलने वाली ऑक्सीजन की मात्रा भी अधिक होती है. मियावाकी जंगल की तकनीक से केवल 2-3 वर्षों में ही एक घना जंगल प्राप्त किया जा सकता है जबकि सामान्य तौर पर एक घना जंगल तैयार करने के लिए 20-30 साल का समय लगता है. 

बॉटेनिस्ट अकीरा मियावाकी का मानना था की चर्च व मन्दिर जैसे धार्मिक स्थानों पर कभी भी पेड़-पौधे खत्म नहीं होते बल्कि यह खुद ही प्राकृतिक रूप से यहाँ उग जाते है और दशकों तक ऐसे ही बने रहते हैं. पेड़ों की इसी खूबी को उन्होंने मियावाकी जंगल का आधार माना है 

मियावाकी जंगल तकनीक के नियम 

(1) ज़मीन की उर्वरता बढ़ाएं 

जिस ज़मीन पर मियावाकी जंगल विकसित किया जाना हो उस ज़मीन की उर्वरता बढ़ा लेनी चाहिए जिसके लिए उस ज़मीन की मिट्टी में भूसा,गोबर ,नारियल के छिलके और खाद इत्यादि डाली जा सकती है. 

(2) वातावरण के अनुकूल पौधे लगाएं 

मियावाकी जंगल के लिये अनिवार्य है कि जिस जगह को पौधे लगाने के लिए चुना गया हो वहां के वातावरण के अनुकूल ही पौधे लगाये जाएं जिससे यह जल्दी हरे-भरे हो जाएँगे.  

(3) बीजों का चयन 

मियावाकी जंगल के लिए अनिवार्य है की जिस ज़मीन पर पौधे उगाये जाएंगे उसके लिए बीज भी उसी ज़मीन पर उगे हुए पौधे से लिया गया हो अर्थात् बीज की मूल प्रजाति उसी मिट्टी की हो. 

(4) इर्द-गिर्द घास और पत्तियाँ डाले 

अक्सर तेज़ धूप में मिट्टी अपनी उर्वरता और नमी खो देती है इसलिए ज़रूरी है की पौधे लगाने के बाद उसके इर्द-गिर्द घास और पत्तियाँ दाल देनी चाहिए क्योंकि तेज़ धूप के समय में यह एक लेयर की तरह का काम करता है और मिट्टी की नमी को खत्म नहीं होने देता. 

(5)मानसून का समय है बेहतर 

मियावाकी तकनीक से उगाये जाने वाले पौधों के लिए सबसे उत्तम समय मानसून का होता है क्योंकि बारिश के पानी में यह पौधे आसानी से अपनी जड़ें विकसित कर लेते हैं और फिर इन्हें अधिक देखभाल की भी आवश्यकता नहीं पड़ती. 

PM मोदी ने किया मियावाकी जंगल का लोकार्पण 

राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने 2 एकड़ के क्षेत्र में फैले मियावाकी जंगल का उद्घाटन किया है. इस मियावाकी जंगल में सभी देसी प्रजातियों के पेड़ लगाये गये हैं. इसके साथ ही इस जंगल में इमारती लकड़ी का बगीचा, फलों का बगीचा व एक डिजिटल ओरिएंटेशन सेंटर का भी निर्माण किया गया है. 

इस जंगल को कई हिस्सों में बांटा गया है जिसमें टिंबर, मेडिसिनल व फ्लोरल गार्डन इत्यादि.  गुजरात में बनाये गये इस केवड़िया जंगल का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के असर को कम करना है और साथ ही यह जगह एक टूरिस्ट को भी लुभांवित करेगी जिससे पर्यटन में विशेष बढ़त दर्ज की जा सकेगी.