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जानिये क्या है केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क ड्राफ्ट

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा के लिए एक एकीकृत क्रेडिट फ्रेमवर्क की शिक्षा प्रणाली  के ड्राफ्ट को लॉन्च किया है जिसकी फाइनल रिपोर्ट बनाने के लिए सुझाव मांगे गये हैं. जानिये क्या है यह एकीकृत क्रेडिट प्रणाली. 

Know what is national credit framework draft launched by central ministry of education
Know what is national credit framework draft launched by central ministry of education

केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय के द्वारा शिक्षा प्रणाली को एकीकृत करने का प्रयास किया जा रहा है . इस एकीकृत शिक्षा प्रणाली में स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक पूरी शिक्षा प्रणाली को एकीकृत क्रेडिट सिस्टम के अंतर्गत लाया जाएगा. 

क्या है नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क 

नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क हाल ही में केन्द्रीय सरकार के द्वारा जारी किया गया है . इस फ्रेमवर्क को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत रूपरेखा दी जा रही है. इस फ्रेमवर्क में स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा , कौशल शिक्षा और व्यवसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से अर्जित किये गये क्रेडिट को एकीकृत करने का एक ड्राफ्ट है. गौरतलब है कि उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा केंद्र के लिए ऐसा ढांचा पहले से ही अस्तित्व में है लेकिन यह पहली बार है कि ऐसा कोई क्रेडिट सिस्टम स्कूल और व्यवसायिक शिक्षा के लिए लागू किया जाएगा . 

 ज्ञात हो की यह नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क प्री-स्कूल, स्कूल, उच्च और व्यवसायिक शिक्षा प्राप्त करने वाले 30 करोड़ भारतीय  छात्रों के लिए तैयार किया जा रहा है. 

कैसे  तैयार किया गया ड्राफ्ट 

नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क का यह ड्राफ्ट एक उच्च स्तरीय समिति के द्वारा तैयार किया गया है जिसमें निम्नलिखित सदस्य शामिल हैं.

यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन 

आल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन 

नेशनल काउंसिल ऑफ़ वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग 

नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ ओपन स्कूलिंग 

सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ सेकेंडरी एजुकेशन 

नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग 

यूनियन एजुकेशन मिनिस्ट्री 

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ ट्रेनिंग 

यूनियन मिनिस्ट्री ऑफ़ स्किल डेवलपमेंट एंड एंटरप्रेंयूरशिप 

UGC फॉर हायर एजुकेशन के द्वारा गत वर्ष जारी किये गये एकेडमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट्स ( ABC ) इस ड्राफ्ट का संचालन करेगा. ABC क्रेडिट के एक डिजिटल भंडार की तरह काम करता है . इन क्रेडिट्स को सत्यापन के लिए डिजी लॉकर से भी जोड़ा जाएगा. 

कैसे मिलेंगे क्रेडिट 

जारी किये गये ड्राफ्ट के अनुसार क्रेडिट्स की गिनती सीखने के लिए बिताये गये घंटों के हिसाब से की जाएगी. यदि सीखने में 30 घंटे व्यतीत किये गये हैं तब जाकर एक क्रेडिट पॉइंट काउंट किया जाएगा. स्कूली शिक्षा के लिए क्रेडिट के 4 स्तर हैं जबकि उच्च शिक्षा के लिए 4.5 से लेकर 8 पॉइंट तक क्रेडिट स्तर हैं. इसके अलावा ड्राफ्ट में किसी छात्र के द्वारा अपने पड़ोसी को तकनीक का प्रयोग कर साक्षर बनाने के लिए भी 0.5 क्रेडिट का प्रावधान है.  

क्यों है यह ड्राफ्ट ख़ास 

यह ड्राफ्ट स्कूलों,संस्थानों ,उद्योगों को  विभिन्न स्तरों पर लाभ पहुंचाएगा. इस क्रेडिट सिस्टम के माध्यम से स्कूल में पढ़ने वाले छात्र पढाई के साथ खेल-कूद के लिए क्रेडिट्स प्राप्त कर सकते हैं जिससे स्कूलों में कौशल आधारित शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा. 

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मांगी राय 

इस ड्राफ्ट को तैयार करने के लिए गठित की गयी उच्च स्तरीय समीति ने अपनी रिपोर्ट पेश कर दी है जिसके ऊपर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आम लोगों , संस्थानों , स्कूलों और  ITI इत्यादि से राय देने की अपील की है. केन्द्रीय मंत्री प्रधान का कहना है की सभी के द्वारा दिए गये सुझावों के बाद ही कोई फाइनल रिपोर्ट तैयार की जाएगी. इस अवसर पर शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का कहना रहा की जन भागीदारी प्रधानमंत्री मोदी के शासन का एक स्तंभ है और NEP के अंतर्गत आने वाला यह नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क अगली पीढ़ी वाला एक बहुआयामी साधन है .  इस क्रेडिट फ्रेमवर्क की विशेषताओं का व्याख्यान करते हुए धर्मेन्द्र प्रधान का कहना रहा की यह क्रेडिट फ्रेमवर्क कौशल प्रशिक्षण, पुनः कौशल , अप-स्कीलिंग और मूल्यांकन के लिए एक अम्ब्रेला फ्रेमवर्क की तरह कार्य करेगा.