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जानें UPSC के अपने आखिरी अटेमप्ट को लेकर सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हो रहे हैं गणेश बाबू

सिविल सेवा के अभ्यर्थी गणेश बाबू का इन दिनों सोशल मीडिया पर UPSC  को लेकर एक ट्वीट खूब वायरल हो रहा है। उन्होंने लिखा है कि वह UPSC के अपने आखिरी अटेमप्ट में भी असफल हो गए। 

जानें UPSC के अपने आखिरी अटेमप्ट को लेकर सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हो रहे हैं गणेश बाबू
जानें UPSC के अपने आखिरी अटेमप्ट को लेकर सोशल मीडिया पर क्यों वायरल हो रहे हैं गणेश बाबू

देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा UPSC सिविल सेवा में हर साल देशभर के लाखों लोग परीक्षा देने के लिए बैठते हैं, लेकिन इसमें से केवल एक हजार के करीब ही अभ्यर्थियों को देश की सबसे सर्वोच्च सेवा करने का मौका मिलता है। हालांकि, इसके प्रति जुनून को लेकर ही अपने पहले प्रयास में असफल हुए अभ्यर्थी कई सालों तक इस सेवा की तैयारी करते हैं। इस बीच कुछ अभ्यर्थी हताश होकर बीच में ही अपने रास्ते बदल  लेते हैं और कुछ अभ्यर्थी तब तक परीक्षा देते रहते हैं,  जब तक या तो उनकी उम्र सीमा खत्म न हो जाए या फिर अवसर सीमा खत्म न हो। यही वजह है कि हर साल इसके प्रति युवाओं की दीवानगी खत्म नहीं हो रही है। बीते मंगलवार को UPSC ने मेंस परीक्षा को लेकर परिणाम जारी कर दिए। इसके बाद कई अभ्यर्थियों ने UPSC को लेकर अपने अनुभवों को ट्वीटर पर साझा किया। इसी में शामिल हैं गणेश बाबू, जिनका ट्टीव इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। तो आइये जानते हैं कि उन्होंने क्या लिखा सोशल मीडिया पर जिसकी वजह से वह वायरल हो रहे हैं। 

 

गणेश बाबू ने ट्वीटर पर लिखते हुए अनुभव साझा किया है- “यूपीएससी मेंस का परिणाम जारी हो गया है और मैं UPSC की रेस से बाहर हो चुका है। यह मेरा आखिरी प्रयास था, लेकिन मैं हैरान नहीं हूं। साल दर साल बीतते गए और मेरे अवसर खत्म होते गए, लेकिन फिर भी मुझे मिले सबक हमेशा याद रहेंगे। संजोने लायक कई लम्हों के साथ इस यात्रा का अंत, # UPSC 2022”.

 

गणेश बाबू का यह ट्ववीट लोगों ने हाथों- हाथ लिया और कई लोगों ने इस पर जमकर प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद उनका यह ट्वीट खूब वायरल हो गया। एक व्यक्ति ने उनके ट्वीटर पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा है कि जो लोग UPSC की तैयारी के दौरान अच्छे से पढ़ाई करते हैं, उनका चयन किसी अन्य सरकारी नौकरी में हो जाता है। UPSC के लिए की गई पढ़ाई का स्तर यह होता है। इस पर गणेश ने एक अन्य ट्वीट में लिखा है- “हां वास्तव में, मैं बीते 10 सालों से सरकारी सेवा में हूं। इस बीच इस तैयारी के साथ कई अन्य परीक्षाएं पास की हैं। मैं अपनी जिंदगी में नहीं बल्कि UPSC में फेल हुआ हूं। सिर्फ मैं नहीं बल्कि अधिकतर लोग इसे नहीं कर पाए।  यह अहसास होने में समय लगता है’’. 

 

वहीं, गणेश के ट्वीट पर एमपीसीसी के वरिष्ठ प्रवक्ता निनगोमबम भूपेंद्र मेतई ने लिखा है कि चिंता नहीं करो गणेश, पीएमओ, सीएमओ या यूएन में लेट्रल एंट्री, एडवाइजरी, नीति या किसी मंत्री को सलाह देकर आप गर्वनेंस में बहुत कुछ कर सकते हैं। आप अंतरराष्ट्रीय सिविल सेवा भी देख सकते हैं। 

 

एक अन्य ट्वीटर यूजर राहुल ने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस तैयारी के दौरान जो आपने ज्ञान और जज्बा हासिल किया है, उससे आप अधिक बुद्धिमान और सफल होंगे, शुभकामनाएं। 

 

वहीं, एक अन्य ट्वीटर यूजर IFS अधिकारी यश ने लिखा है-  “ मैं कल्पना कर सकता हूं। कई बार इससे गुजरा हूं। यकीन है कि यह बहुत कठिन होता है, हालांकि, लगे रहो क्योंकि जब एक दरवाजा बंद होता है, तो दूसरा दरवाजा खुल जाएगा। किसी भी मदद के लिए संपर्क करें”.

 

 

बता दें कि UPSC सिविल सेवा के लिए हर साल लाखों छात्र परीक्षा देते हैं,  इनमें से प्रिलिम्स, मेंस और इंटरव्यू पास करने वाले छात्रों को  IAS, IPS व IFS समेत कई अन्य सेवाओं में काम करने का अवसर मिलता है। इसके साथ ही ग्रुप ‘A’ में सेवा होने के कारण कई बेहतरीन सुविधाएं भी मिलती हैं।