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जानें CAT परीक्षा में चार बार 100 Percentile लाने के बाद भी रंजीथ MBA में क्यों नहीं लेते हैं दाखिला

देश के सबसे प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थान यानि आईआईएम में दाखिले लेकर पढ़ना का अधिकांश छात्रों का सपना होता है। आज हम आपको केरल के रंजीथ थोमस जोशुआ की कहानी बता रहे हैं, जिन्होंने कैट परीक्षा में चार बार 100 पर्सेंटाइल लाने के बाद एक भी बार दाखिला नहीं लिया, जानने के लिए पूरी उनकी पूरी कहानी पढ़ें।  

जानें CAT परीक्षा में चार बार 100 Percentile लाने के बाद भी रंजीथ MBA में क्यों नहीं लेते हैं दाखिला
जानें CAT परीक्षा में चार बार 100 Percentile लाने के बाद भी रंजीथ MBA में क्यों नहीं लेते हैं दाखिला

देश के प्रतिष्ठित मैनेजमेंट संस्थान आईआईएम में दाखिले के लिए हर साल लाखों बच्चे परीक्षा देते हैं, लेकिन इसमें से केवल कुछ ही छात्र सफल होते हैं। देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक कैट की कठिन परीक्षा को पास करना मुश्किल होता है। यही वजह है कि छात्र इसके लिए कोचिंग करते हैं, लेकिन फिर भी इसे पास करना मुश्किल होता है। वहीं, जो इस परीक्षा को पास कर लेते हैं, उनमें भी ऐसे छात्रों की संख्या बहुत कम होती है, जिनके 100 पर्सेंटाइल अंक होते हैं। आज हम आपको केरल एक ऐसे शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं, जिन्होंने कैट की परीक्षा में चार बार न  केवल सफलता हासिल की, बल्कि 100 पर्सेंटाइल भी प्राप्त किया। हम बात कर रहे हैं केरल के रंजीथ थोमस जोशुआ की, जिन्होंने इस परीक्षा में कई बार सफलता हासिल की, लेकिन एक भी बार किसी आईआईएम संस्थान में दाखिला नहीं लिया।  

 

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सराहा

पिछले महीने हुई कैट की परीक्षा में 2 लाख से ज्यादा छात्र बैठे थे। इनमें से 11 ने 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया है। इसमें केरल के 34 वर्षीय रंजीथ थॉमस जोशुआ ने भी 2022 के कॉमन एडमिशन टेस्ट (CAT) में 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया है, जिसे कांग्रेस नेता शशि थरूर सहित कई लोगों ने सराहा है। थरूर ने 25 दिसंबर को ट्वीट किया, "आपके सांसद के रूप में, मैं कह सकता हूं कि आपने न केवल तिरुवनंतपुरम बल्कि पूरे केरल को गौरवान्वित किया है।"

 

2015 से 2017 तक लगातार प्राप्त किए थे 100 पर्सेंटाइल

हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब जोशुआ को उस परीक्षा में पूर्ण स्कोर मिला है, जो छात्रों के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थानों में दाखिले के दरवाजे खोलती है। उन्होंने 2015, 2016 और 2017 में भी लगातार 100 पर्सेंटाइल स्कोर किया था। लेकिन, अब सवाल है कि जब वह बार-बार अच्छे अंकों के साथ परीक्षा पास कर रहे हैं, तो दाखिला क्यों नहीं लेते ?



दाखिला न लेने की बताई वजह

रंजीथ एक ट्यूटर हैं, उन्होंने  एक मीडिया को दिए अपने साक्षात्कार में बताया, "मैं हर बार अपने छात्रों के साथ परीक्षा देता हूं। एक प्रशिक्षक के रूप में, मुझे परीक्षा पैटर्न में बदलाव के साथ अपडेट रहना होगा,"।जोशुआ ने 2012 में एक एप्टीट्यूड ट्रेनर के रूप में काम करना शुरू किया था। जोशुआ ने एक पोर्टल पर अपने प्रोफाइल के बारे में लिखा, "मैंने देश में टेस्ट प्रेप में कुछ बड़े नाम वाली कंपनियों के साथ काम किया है, साथ ही त्रिवेंद्रम में एक प्रमुख आईटी प्रशिक्षण और प्लेसमेंट कंपनी में एप्टीट्यूड ट्रेनर के रूप में भी काम किया है।

 

इंजीनियरिंग के पूर्व छात्र हैं जोशुआ

जोशुआ इंजीनियरिंग कॉलेज, तिरुवनंतपुरम के पूर्व छात्र भी हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में वह अपना खुद का कोचिंग संस्थान चलाते हैं, जहां वह ट्यूटर, मैनेजर और एडमिनिस्ट्रेटर की भूमिका निभा रहे हैं।

 

उम्मीदवारों की दी यह सलाह

कैट के उम्मीदवारों के लिए उनकी सलाह है कि छात्रों को गति और सटीकता पर ध्यान देना चाहिए। वह कहते हैं, "हममें से कई लोगों के पास ज्ञान है, यह बहुत बुनियादी है, लेकिन लोगों के पास गति और सटीकता प्राप्त करने के लिए प्रशिक्षण की कमी है"।

 

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