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शिक्षा प्रणाली में एकीकृत क्रेडिट सिस्टम लागू करने की तैयारी, अब स्कूली छात्रों को भी होगा फायदा, यहाँ देखें पूरी रिपोर्ट

शिक्षा मंत्रालय देश के सभी स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षा तक पूरी शिक्षा प्रणाली को एकीकृत क्रेडिट सिस्टम के दायरे में लाने की पर विचार कर रहा है और जल्द ही ये एकीकृत क्रेडिट सिस्टम लागू किया जा सकता है.

National Credit framework
National Credit framework

शिक्षा क्षेत्र में शिक्षा मंत्रालय जल्द ही एक बड़ा सुधार कर सकता है. जिसमें अब स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक के लिए एकीकृत क्रेडिट सिस्टम लागू करने की तैयारी है. इस सिस्टम के लागू होने के बाद स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र भी अपनी पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद, एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटीज के लिए क्रेडिट एकत्रित कर सकेंगे. साथ ही स्कूलों से ड्राप आउट स्टूडेंट्स भी अपनी स्कूली शिक्षा को फिर से शुरु कर सकेंगे. इस सिस्टम से स्कूलों में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर स्कूली स्टूडेंट्स के लिए भी कोर्सेज तैयार किए जा सकेंगे. छात्रों को मिलने वाले क्रेडिट अकैडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट में जमा होते रहेंगे.  

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल के लिये क्रेडिट फ्रेमवर्क की ड्राफ्ट रिपोर्ट सार्वजनिक चर्चा के लिये जारी की है. इस विषय पर शिक्षा मंत्रालय की तरफ से विशेषज्ञों और आम लोगों की राय मांगी गई है. साथ ही शिक्षा मंत्री ने सभी संस्थानों, स्कूलों, आईटीआई, एआईसीटीई से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज से अपील की है कि वे अपनी ऑफिसियल वेबसाइट पर राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क सिस्टम को लेकर लोगों से सुझाव मांगे और सरकार इन दिए गए सुझावों के आधार पर ही अपनी फाइनल रिपोर्ट तैयार करेगी.  

उल्लेखनीय है कि, केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 को व्यवसायिक एवं सामान्य शिक्षा दोनों के लिये राष्ट्रीय क्रेडिट फ्रेमवर्क तैयार करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दी थी. अब इस समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी दी है, इस रिपोर्ट पर ही सरकार अब लोगों से आम राय मांग रही है. प्राइमरी स्कूल से लेकर उच्च और व्यावसायिक शिक्षा के भारतीय छात्रों के लिए ही इस क्रेडिट स्कोर फ्रेमवर्क को तैयार किया जा रहा है. 

रिपोर्ट के अनुसार, सीखने की प्रक्रिया केवल क्लासरूम टीचिंग तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि स्कूलों में को- करिकुलर और एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटीज को भी के भी लर्निंग में सम्मिलित करना चाहिए और इसके लिए स्टूडेंट्स को क्रेडिट स्कोर दिए जायेंगे.

जहाँ स्कूली शिक्षा के लिए क्रेडिट 4 लेवल तक वहीं हाई एजुकेशन में ये 4.5 से 8 पॉइंट तक होंगे. केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने क्रेडिट फ्रेमवर्क की रिपोर्ट तैयार करने वाली समिति को किसी छात्र द्वारा टेक्नोलॉजी के माध्यम से किसी पड़ोस के व्यक्ति को साक्षर बनाने पर उस छात्र को 0.5 क्रेडिट देने का सुझाव दिया है. उन्होंने कहा कि इस पर भी विचार किया जा सकता है कि क्लास 6th से ऊपर का कोई छात्र अपने पड़ोस के किसी व्यक्ति को तकनीक का उपयोग करके साक्षर बनाता है, तो उसे क्रेडिट स्कोर दिया जा सकता है.