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Encyclopedia on tribal communities: ओडिशा में जनजातियों पर ज्ञानकोष के पांच संस्करण जारी, जानें इसमें क्या है खास?

India’s first encyclopedia on tribal communities: भारत का ओडिशा राज्य आदिवासी समुदायों पर उनकी सदियों पुरानी और अनूठी परंपराओं का दस्तावेजीकरण करने के लिए एक ज्ञानकोष शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है. इसमे 62 जनजाति संप्रदाय के बारे में बताया गया है. जिसमे 418 अनुसंधान संदर्भ प्रकाशित किया गया है.   

ओडिशा में जनजातियों पर ज्ञानकोष के पांच संस्करण जारी
ओडिशा में जनजातियों पर ज्ञानकोष के पांच संस्करण जारी

India’s first encyclopedia on tribal communities: भारत का ओडिशा राज्य आदिवासी समुदायों पर उनकी सदियों पुरानी और अनूठी परंपराओं का दस्तावेजीकरण करने के लिए एक ज्ञानकोष शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है. इसके अंतर्गत आदिवासी समुदायों के इतिहास और उनसे जुड़ी प्रमुख परंपराओं और कलाओं का एक अनूठा संग्रह तैयार किया गया है. उनके संरक्षण और विकास में इस तरह की पहल काफी मायने रखती है.

आदिवासी ज्ञानकोष/विश्वकोष (encyclopedia) की शुरुआत प्रदेश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आदिवासियों के अधिकार,उनकी कला-संस्कृति और परंपरा की सुरक्षा को सरकार हमेंशा से महत्व दे रही है. साथ ही उन्होंने इस पर आधारित पुस्तक में संग्रहित किये गए आदिवासियों की कला-संस्कृति की चर्चा की और मुख्यमंत्री ने संग्रहालय गैलरी का भी अवलोकन किया.

आदिवासी ज्ञानकोष के बारें में:

ओडिशा राज्य के आदिवासियों से जुड़ी इस ज्ञानकोष में कुल 3800 पन्ने है, जिसमे 418 अनुसंधान संदर्भ प्रकाशित किया गया है. इसमे 62 जनजाति संप्रदाय के बारे में बताया गया है. साथ ही इसमे राज्य की 13 असुरक्षित आदिवासी जनजाति समूह को भी विशेष स्थान दिया गया है. इसे 'एनसाइक्लोपीडिया आफ ट्राइबल्स इन ओडिशा' शीर्षक दिया गया है. इसको पांच संपादित संख्या में तैयार किया गया है.

इस एनसाइक्लोपीडिया पर पिछले चार वर्षों से काम चल रहा था. इन 418 संदर्भों को पिछले 60 वर्षों से देश और राज्य की विभिन्न पत्रिकाओं और प्रकाशनों की तरफ से प्रकाशित किया गया है. इस एनसाइक्लोपीडिया का नेतृत्व अनुष्ठान के निदेशक प्रो. एबी.ओता और सलाहकार एससी महांति ने किया. इसके संकलन में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है. 

ओडिशा राज्य जनजातीय संग्रहालय:

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने संग्रहालय की गैलरीज का भी दौरा किया और संग्रहालय में नई जोड़ी गई प्रोजेक्शन मैपिंग तकनीकी की सराहना भी की. इस गैलरी में जनजातीय समुदायों के उत्कृष्ट कला और शिल्प से जुड़े दुर्लभ प्रकार के संग्रह है. इसका स्थान विश्व की सर्वश्रेष्ठ इंटरैक्टिव एथनोग्राफिक म्यूजियम्स में है.
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2001 में जनजातीय संग्रहालय और वर्ष 2009 में दूसरे संग्रहालय का उद्घाटन किया था. साथ ही उन्होंने वर्ष 2018 में संग्रहालय को ओडिशा राज्य जनजातीय संग्रहालय का दर्जा दिया था.  

आदिवासी ज्ञानकोष का महत्व:

  • इस तरह की पहल का मुख्य उद्देश्य देश और राज्य की जनजाति संप्रदाय को समाज में महत्वपूर्ण स्थान देना और उन्हें संरक्षण प्रदान करना है. 
  • यह संग्रह अनुषंधान कर्ता, शिक्षाविदों,नीति निर्धारकों और छात्र-छात्राओं के लिए एक अमूल्य धरोहर है.
  • इसकी मदद से हम आदिवासियों की कला,संस्कृति,परंपरा और उनकी जीवन शैली के बारें में जान पाएंगे.
  • इसकी मदद से हम इन आदिवासी समूहों के परंपरा, संस्कृति आदि से कुछ न कुछ ज्ञान जरुर अर्जित कर सकेंगे. 

ओडिशा राज्य में आदिवासियों की स्थिति:

वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, आदिवासी ओडिशा राज्य की कुल आबादी का 22.85% हैं. ओडिशा में देश के सबसे विविध आदिवासी समुदाय निवास करते है. गौरतलब है कि कुल जनसंख्या के प्रतिशत के रूप में आदिवासियों की संख्या झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य में अधिक है.