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9 ऐसे भारतीय जिन्होंने नोबेल प्राइज़ जीतकर बढ़ाया है देश का गौरव

 दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरुस्कारों में एक है नोबेल प्राइज़ जिसे जीतना बेहद मुश्किल कार्य है तो आइये जानते है किन किन भारतीयों ने जीता है नोबेल प्राइज़ .

 these nine people has increased country pride by winning nobel prize
these nine people has increased country pride by winning nobel prize

 

यदि दुनिया के सबसे अधिक प्रतिष्ठित पुरुस्कारों की बात की जाती है तो नोबेल प्राइज का नाम सबसे ऊपर आता है. नोबेल प्राइज़ उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने मानव जाती के लिए कल्याणकारी काम किया हो. इस पुरूस्कार की शुरुआत 1901 में स्वीडिश उद्योगपति अल्फ्रेड नोबेल के द्वारा की गयी थी , उन्हीं के नाम पर इस पुरूस्कार का नाम भी नोबेल प्राइज़ रखा गया है. 

नोबेल प्राइज जीतना अपने आप में एक ख़ास बात है क्योंकि इसे जीतना कतई भी आसान काम नही  है. इस प्राइज़ को जीतने के लिए किसी एक दिन की मेहनत काम नही आती बल्कि यह बरसों की तपस्या से मिलता है और वह तपस्या भी निस्वार्थ होनी चाहिए.

बीते 121 वर्षों में भारत के कई लोगों ने अपने अभूतपूर्व कार्य के लिए इस प्रतिष्ठित पुरूस्कार को जीता है तो आइये जानते है वह लोग कौन है जिन्हें इस सम्मान से नवाज़ा गया है 

1.रविंद्रनाथ टैगोर

Source: britannica 

रविंद्रनाथ टैगोर वह व्यक्ति है जिन्होंने न केवल भारत में बल्कि पूरे एशिया में पहली बार नोबेल प्राइज़ जीता था. टैगोर को यह पुरूस्कार 1913 में उनके साहित्य में दिए गये योगदान के लिए मिला था. यह बंगाली भाषा के लेखक थे इनकी लेखनियों को दुनिया भर के लोगों के द्वारा सराहा गया . 7 मई 1861 को जन्मे टैगोर को उनके पिता ने कानून का अध्ययन करने के लिए इंग्लैंड भेजा था लेकिन उनकी रुचि शेक्सपियर के नाटकों में अधिक थी. 

टैगोर का  संगीत में भी विशेष रूझान था . भारत का राष्ट्रीय गान “जन गण मन “ और बंगाल का राष्ट्रीय गान “आमार शोनार बांग्ला” भी टैगोर के द्वारा सृजित किता गया है. 

2. सी वी रमन 

Source: livemint.com 

यह दूसरे भारतीय व्यक्ति है जिन्हें नोबेल प्राइज़ से सम्मानित किया गया. इनका पूरा नाम चंद्रशेखर वेंकट रमन है , 7 नवम्बर 1888 को तिरुचिलापल्ली में जन्मे रमन एक साधारण हिन्दू परिवार से ताल्लुक रखते थे . रमन को नोबेल प्राइज़ प्रकाश के प्रकीर्णन में अपने विशिष्ट कार्य के लिए मिला था. 

सी वी रमन कोलकाता में भारतीय वित्त सेवा में महालेखाकार के रूप में कार्यरत थे. इनके द्वारा इंडियन जर्नल ऑफ़ फिजिक्स की स्थापना की गयी और यह IISC बैंगलोर के पहले भारतीय निदेशक थे.  

3.मदर टेरेसा

 

Source: biography.com

 मदर टेरेसा पहली भारतीय महिला थी जिन्होंने नोबेल प्राइज़ जीता . वर्ष 1979 में मदर टेरेसा को ज़रुरतमंदों और गरीबों की सेवा और उत्थान के समर्पण के लिए नोबेल प्राइज़ से नवाज़ा गया था. टेरेसा एक भारतीय रोमन कैथोलिक नन और मिशनरी थी. इन्होंने अपना पूरा जीवन ज़रुरतमंदों को समर्पित कर दिया था . 

इन्होंने 1950 में एक रोमन कैथोलिक धर्मार्थ ,मिशनरीज़ ऑफ चैरिटी की स्थापना की . इस संगठन का मुख्य उद्देश्य बीमार और कुष्ठ रोग से ग्रसित लोगों की सेवा करना है . 

4.हर गोबिंद खुराना 

Source:  britannica 

हर गोबिंद खुराना का जन्म 9 जनवरी 1922 को पंजाब में हुआ था . इन्होने भारत सरकार की फ़ेलोशिप पर लिवरपूल विश्वविद्यालय से कार्बनिक रसायन का इंग्लैंड में अध्ययन किया. खुराना को 1968 में उनके द्वारा इलेक्ट्रॉन्स पर किये गये काम जिसमें उन्होंने जेनेटिक कोड और उसके प्रोटीन सिंथेसिस में भूमिका पर काम किया था ,के लिए नोबेल प्राइज़ से नवाज़ा गया था . 1978 में इन्हें एक विदेशी सदस्य के रूप में रॉयल सोसाइटी के लिये चुना गया था. 

5.सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर 

     Source : the famous people 

इनका जन्म उस दौरान हुआ था जब भारत पर अंग्रेजों का शासन था . 19 अक्टूबर 1910 को जन्मे चंद्रशेखर का जन्म लाहौर में हुआ था जो की वर्तमान में पाकिस्तान का हिस्सा है . इन्होंने अपनी स्कूली और शुरूआती कॉलेज की शिक्षा मद्रास से हासिल की उसके बाद इन्हें भारत सरकार के द्वार छात्रवृति प्राप्त हुई जिससे उन्होंने कैंब्रिज विश्विद्यालय से शिक्षा प्राप्त की . 

चंद्रशेखर को स्टार संरचना और विकास की महत्वपूर्ण भौतिक प्रक्रियाओं के सिद्धांत के लिए 1983 में नोबेल प्राइज प्राप्त हुआ था . 

6.अमृत्य सेन 

 Source: wikipedia 

सेन एक अर्थशास्त्री और फिलोस्फर थे . इन्होंने विभिन्न जगहों से शिक्षा हासिल की , स्कूली शिक्षा इन्होंने ढाका से प्राप्त की , शुरूआती कॉलेज शिक्षा कोलकाता से व बाद में वह ट्रिनिटी कॉलेज , कैंब्रिज चले गये थे. अर्थशास्त्र में इनके कल्याणकारी योग्दान के लिए 1999  में इन्हें नोबेल प्राइज़ हासिल हुआ था . इसके अलावा सेन को 2010 में टाइम मैगज़ीन के द्वारा “दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्ति” की लिस्ट में भी शामिल किया गया था. 

7.वेंकटरमन रामाकृष्णन 

Source:  royalsociety.org 

रामाकृष्णन भारतीय मूल के ब्रिटिश अमेरिकी जीवविज्ञानी है . 1952 को तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले में जन्मे रामाकृष्णन एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं हालांकि उनके माता-पिता दोनों ही वैज्ञानिक थे. वेंकटरमन ने अपनी स्कूली व कॉलेज की शिक्षा गुजरात से हासिल की है उसके बाद वह Ph.D करने के लिए अमेरिका चले गये थे. 

रामाकृष्णन को वर्ष 2009 में राइबोसोम की संरचना और कार्य के अध्ययन के लिए नोबेल प्राइज़ प्राप्त हुआ था. 

8.अभिजीत विनायक बेनर्जी 

Source : nobelprize.com

बेनर्जी भारतीय मूल के अमेरिकी अर्थशास्त्री हैं. इनका जन्म 28 फरवरी 1961  को मुंबई में हुआ था . इनके माता-पिता कोलकाता में प्रोफेसर थे.  अभिजीत ने अपनी स्कूली व कॉलेज की शिक्षा कोलकाता से हासिल की जिसके बाद वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से Ph.D की  शिक्षा प्राप्त करने चले गये. वर्तमान में अभिजीत MIT में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर है. 

वर्ष 2019 में वैश्विक गरीबी को कम करने के लिए उनके प्रयोगात्मक दृष्टिकोण के लिए इन्हें नोबेल प्राइज़ प्राप्त हुआ था. 

9.कैलाश  सत्यार्थी 

Source : satyarthi.org

  11 जनवरी 1954 को मध्यप्रदेश में जन्में कैलाश सत्यार्थी एक समाज सुधारक हैं. इन्होने भारत में बाल श्रम के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी. अपनी स्कूली व कॉलेज की शिक्षा उन्होंने मध्यप्रदेश स्थित विदिशा से ही पूरी की लेकिन आगे चलकर बाल श्रम व दासता के लिए इन्होंने अपने इंजीनियरिंग के करियर को छोड़ दिया था . 

ग्लोबल मार्च अगेंस्ट चाइल्ड लेबर, ग्लोबल कैंपेन फॉर एजुकेशन व बचपन बचाओ संगठन उनके कई सामाजिक कार्यकर्ता संगठनों में से एक हैं. 

वर्ष 2014 में इन्हें बच्चों और युवाओं के दमन के खिलाफ व बच्चों की शिक्षा के लिए संघर्ष करने के लिए नोबेल प्राइज़ से सम्मानित किया गया था.