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UGC का सख्त निर्देश, हर हाल में लागू करनी होगी फीस रिफंड पॉलिसी

कोविड महामारी के कारण UGC के द्वारा सत्र 2022-23 के लिए फीस रिफंड पॉलिसी में कुछ बदलाव किये गये हैं लेकिन कुछ संस्थान UGC के इस नियम को मानने में आनाकानी कर रहे हैं जिनके खिलाफ अब UGC ने सख्त रवैया अपनाने की ठानी है. यहाँ पढ़ें पूरी जानकारी.

UGC strict instructions fee refund policy will have to be implemented in any case
UGC strict instructions fee refund policy will have to be implemented in any case

कोविड महामारी के चलते पूरा देश ने आर्थिक रूप से मुश्किलों का सामना किया है इसलिए कोविड महामारी को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के द्वारा सत्र 2022-23 में फीस रिफंड पालिसी में बदलाव कर गत अगस्त में गाइडलाइन्स जारी की गयी लेकिन फिर भी इस पालिसी का क्रियान्वन ठीक से नहीं हो पा रहा है . इस मामले पर अब UGC ने सख्ती भरा रवैया अपनाना शुरू कर दिया है. 

UGC को मिली शिकायतें 

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को बार-बार यह शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ यूनिवर्सिटीज़ और उच्च शिक्षा संस्थान अब भी छात्रों को उनकी फीस वापिस नहीं कर रहे हैं और दाखिला रद्द करवाने पर भी छात्रों की फीस का बड़ा हिस्सा उन्हें वापिस नहीं किया जा रहा है. 

इसके अलावा UGC को शिकायतें मिली हैं कि संस्थान एडमिशन करवाने पर छात्रों के ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स अपने पास जमा कर लेते हैं और फिर जब छात्र एडमिशन रद्द करवाने की एप्लीकेशन देते हैं तो संस्थान उन्हें उनके ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स वापिस देने में आनाकानी कर रहे हैं और न ही नियमानुसार उनकी फीस रिफंड करते है. 

UGC ने बनाया था यह नया नियम 

छात्रों की सुविधा के लिए सत्र 2022-23 के लिए UGC ने नए नियम को लागू किया था जिसके तहत जो भी छात्र 31अक्टूबर तक किसी भी संस्थान में अपना एडमिशन रद्द करवाता है या फिर माइग्रेशन करता है तो ऐसी स्थिति में छात्र की फीस में किसी भी तरह की कोई कटौती नही की जाएगी. ज्ञात हो की यह नियम फिलहाल इसी वर्ष के लिए लागू किया गया है. 

इसके साथ ही यदि कोई छात्र 1 नवंबर से 31 दिसम्बर तक अपने दाखिले को रद्द करवाए या माइग्रेशन करे तो छात्र की फीस में से केवल 1000 रूपये की कटौती की जा सकती है. यह 1000 रूपये प्रोसेसिंग फीस के रूप में काटे जाएंगे लेकिन इनके अलावा छात्र की पूरी फीस और ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स वापिस करना अनिवार्य है. 

UGC ने अपनाया सख्ती भरा रवैया 

बनाये हुए नियम का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ अब UGC ने सख्ती भरा रवैया अपनाने की ठानी है. UGC ने ऐसे सभी संस्थानों को सूचित कर दिया है कि जो भी संस्थान इन नियमों का उल्लंघन करेंगे , उनको मिलने वाले ग्रांट पर रोक भी लगाई जा सकती है और साथ ही यदि कोई कॉलेज या इंस्टिट्यूट इन नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है तो संबंधित यूनिवर्सिटी से उस कॉलेज की मान्यता रद्द करने की सिफारिश की जाएगी. 

कोविड महामारी के कारण शैक्षणिक सत्र देरी से चल रहे है  और इस वर्ष CUET की प्रक्रिया देरी से हुई है जिस कारण UGC ने इस सत्र को स्पेशल केस बताते हुए फीस रिफंड पॉलिसी में कुछ बदलाव किये हैं. साथ ही UGC ने स्पष्ट रूप से यह भी कहा है की एडमिशन की अंतिम तिथि भी छात्रों के हित में होनी चाहिए और UGC भी इन तिथियों पर नज़र रखेगा.