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UPPCS Success Story: कठिनाइयों को दी मात, PCS अधिकारी बन मिलाया सफलता से हाथ

उत्तरप्रदेश के कौशांबी के रहने वाले सुनील कुमार अपनी मेहनत के दम पर कठिनाइयों को मात देते हुए पीसीएस अधिकारी बन गए।

UPPCS Success Story: कठिनाइयों को दी मात, PCS अधिकारी बन मिलाया सफलता से हाथ
UPPCS Success Story: कठिनाइयों को दी मात, PCS अधिकारी बन मिलाया सफलता से हाथ

PCS Success Story: जीवन में इंसान के सामने कई सारी चुनौतियां आती हैं। कुछ लोग चुनौतियों के आगे हार मान लेते हैं और आगे बढ़ने की दिशा में रूक जाते हैं, जबकि कुछ लोग मुश्किल से मुश्किल चुनौतियों का सामना करते हुए अपना लक्ष्य तय करते हुए मेहनत करने में लगे रहते हैं और सफलता का स्वाद चखते हैं। कुछ इसी तरह की कहानी है उत्तरप्रदेश के कौशांबी के रहने वाले सुनील कुमार की। 

 

सुनील कुमार बचपन से ही पढ़ने में होशियार थे, लेकिन परिवार की आर्थिक हालत ठीक न होने की वजह से उन्हें बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। घर के मुखिया पिता कपड़ों पर प्रेस करने का काम करते थे, जिससे घर का खर्चा चलता था। इस दौरान सुनील कुमार ने कक्षा 10वीं में अच्छे अंकों से परीक्षा पास की। परीक्षा पास होने के बाद सुनील प्रयागराज से अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी करना चाहते थे, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण पिता उन्हें प्रयागराज से पढ़ाने में असमर्थ रहे। हालांकि, सुनील अपने इस फैसले पर रूके रहे। उन्होंने कुछ लोगों की मदद लेते हुए प्रयागराज से कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी की।

 

एक तरफ सुनील की पढ़ाई चल रही थी, तो एक तरफ आर्थिक तंगी बनी हुई थी। ऐसे में 12वीं की पढ़ाई पूरी होने के बाद भी सुनील की परेशानी खत्म नहीं हुई। उन्होंने जब इंजीनियरिंग में दाखिला लिया, तो एक बार फिर आर्थिक तंगी सामने आ गई। कॉलेज की फीस भरने के लिए पैसे नहीं थे, तब उनकी मां ने अपने गहने बेचकर बेटे के कॉलेज की फीस भरी। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने सिविल सेवा देने का फैसला लिया। इसके बाद साल 2015 में पहलाी बार अपने पहले प्रयास में मेंस तक शॉर्टलिस्ट हो गए, लेकिन जब इंटरव्यू देने गए, तो फेल हो गए।  हालांकि, उनकी असफलता ने उनका हौंसला बढ़ा दिया और उन्होंने यही से आइएएस अधिकारी बनने का फैसला कर लिया। 

 

सुनील कड़ी मेहनत से सिविल सेवा की तैयारी में जुटे रहे। इस बीच उन्होंने तीन बार सिविल सेवा की परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हो सके। आर्थिक तंगी अब भी बनी हुई थी, तो उन्होंने UPPCS परीक्षा देने का फैसला लिया। इस परीक्षा के लिए तैयारी शुरू की और अब राज्य स्तर पर ध्यान केंद्रित करते हुए अपनी तैयारी को धार दिया। वहीं, साल 2018 में सुनील इस परीक्षा में शामिल हुए और 75वीं रैंक हासिल करते हुए सफलता का स्वाद चखा। इस रैंक के साथ उन्हें डिप्टी एसपी का पद मिला।

 

सुनील के मुताबिक, यदि सिविल सेवा में सफलता प्राप्त करनी है, तो कड़ी मेहनत ही इसका एकमात्र फॉर्मूला है। सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता है, बल्कि इसके लिए नियमित रूप से मेहनत करनी पड़ती है। जीवन में यदि कोई चुनौती है, तो रूकना नहीं चाहिए, बल्कि सफलता हासिल करने के बाद ही रूकना है। इस परीक्षा के लिए समय के साथ सही रणनीति और परिवार का सहयोग भी बहुत जरूरी है, तभी परीक्षा में सफल होने की संभावना अधिक है।