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UP IAS Week का दो सालों से क्यों नहीं हो रहा आयोजन, जानें

क्या आपको पता है कि उत्तरप्रेश में आइएएस एसोसिएशन सप्ताह और अधिकारियों की वार्षिक आम बैठक का भी आयोजन किया जाता है। इसमें प्रदेश के विभिन्न अधिकारी शामिल होते हैं। हालांकि, बीते दो सालों से इन कार्यक्रमों का आयोजन नहीं हो रहा है। 

UP IAS Week का दो सालों से क्यों नहीं हो रहा आयोजन, जानें
UP IAS Week का दो सालों से क्यों नहीं हो रहा आयोजन, जानें

उत्तर प्रदेश में सिविल सेवा अधिकारियों ने हर साल यूपी आईएएस एसोसिएशन की आईएएस सप्ताह और वार्षिक आम बैठक (एजीएम) आयोजित करने की परंपरा लगभग छोड़ दी है। यही वजह है कि  एसोसिएशन 2020 के बाद से इस तरह का कोई आयोजन नहीं कर पाया है। जबकि, आमतौर पर दिसंबर में इन कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता था। 

 

क्या होता है बैठक में 

आईएएस सप्ताह में कैडर के विभिन्न बैचों को आपस में मिलने का मौका मिलता है। साथ ही अधिकारियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों में आपसी मेल-जोल भी बढ़ता है। यही नहीं इन कार्यक्रमों के माध्यम से मुख्यमंत्री और राज्यपाल के साथ बातचीत से विधायिका और कार्यपालिका के बीच तनाव कम करने में भी मदद मिलती है। आईएएस सप्ताह में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी भी हिस्सा लेते हैं। 

 

2007 से 2012 के बीच भी बंद कर दिया गया था आयोजन

आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब एसोसिएशन  की ओर से यह कार्यक्रम बंद हो रहा है, बल्कि इससे पहले 2007 से 2012 तक मायावती के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान भी इस कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया था। वहीं, एसोसिएशन ने 2013 में संकल्प लिया था कि अब यह आयोजन बंद नहीं होगा। 2013 में संकल्प के बाद 2014, 2015, 2016, 2017 और 2019 में आइएएस सप्ताह और एजीएम की बैठक आयोजित की गई। 

 

कोविड में खत्म हुई परंपरा

पांच सालों तक परंपरा का पालन करने के साथ कोरोना महामारी में एक बार फिर इन कार्यक्रमों पर संकट आ गया। साल 2020 में कोविड आने पर परंपरा टूट गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी का कहना यह कहना है कि अधिकारी पिछले दो वर्षों में कोविड की जांच करने में लगे हुए हैं। अब इस पर चर्चा करने का समय है।

 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों क मानना है कि एसोसिएशन ने भले ही 2020 में कोविड के कारण कार्यक्रम आयोजित करने से परहेज किया हो, लेकिन अब इसे बहाने के तौर पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मीडिया को एक अन्य अधिकारी ने दिए अपने बयान में कहा कि, "बैचों की पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति और यहां तक कि दबाव से संबंधित मुद्दे हैं। इन मुद्दों पर गहन चर्चा करने की आवश्यकता है और वार्षिक आम बैठक इस अवसर को प्रदान करती है।"

 

मीडिया में दिए गए बयान में एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी का कहना है कि, "वार्षिक आयोजन कैडर के भीतर के रिश्तों को मजबूत करता है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि युवा अधिकारियों को एसोसिएशन की ताकत का कभी पता नहीं चलेगा, क्योंकि यह कार्यपालिका का एक अवशेष अंग बन गया है।"



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