आचार्य विनोबा भावे के ज्ञानपूर्ण विचार&Created byPriyanka Pal


By Priyanka Pal30, Jan 2023 05:05 PMjagranjosh.com

“इंसान जितना ज्ञान के रंग में रंग गया हो उतना ही कर्म के रंग में रंग जाता है”

“स्वतंत्र वही हो सकता है जो अपना काम स्वयं कर लेता हो”

“नई कल्पना, नई खोज, नई स्फूर्ति, नया उत्साह यही प्रतिभा के लक्ष्ण हैं”

“लाभ की इमारत कष्ट की धूप में ही मिलती है”

“द्वेष बुद्धि को केवल प्रेम की बुद्धि से ही मिटाया जा सकता है”

“गरीब वह नहीं है जिसके पास कम धन है बल्कि वह है जो धनवान होते हुए भी जिसकी इच्छाएं कम नहीं हुई है”

“ज्ञानी वह है जो वर्तमान को ठीक से समझकर परिस्थिति के अनुसार आचरण करे”

“प्रेरणा किसी कार्य आरंभ करने में सहायता करती है और आदत उस कार्य को जारी रखने में सहायता करती है”

“संघर्ष और उथल – पुथल के बिना जीवन बिल्कुल नीरस हो जाएगा”

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