Success Story: बस ड्राइवर की बेटी ने तय किया जमीं से चांद तक का सफर
By Mahima Sharan27, Aug 2023 11:30 AMjagranjosh.com
गरीबी के साथ जिंदगी
दुनिया के सारे दुख एक तरफ और गरीबी के साथ जिंदगी एक तरफ। लेकिन सना अली की हिम्मत और माता-पिता की मेहनत के आगे गरीबी हार गई। उन सभी की मेहनत की जीत हुई।
इसरो में इंजीनियर
सना भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) में असिस्टेंट टेक्निकल इंजीनियर बन गई हैं। पढ़ना-लिखना जितना आसान है, सना के लिए वहां तक पहुंचना उससे कई गुना ज्यादा मुश्किल था। आइये सना और उसके माता-पिता के संघर्षों से रूबरू होते हैं।
मध्य प्रदेश का निवासी
सना मध्य प्रदेश के विदिशा जिले की रहने वाली हैं। उन्हें आंध्र प्रदेश के तिरूपति जिले के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र इसरो में नौकरी मिल गई।
कड़ी मेहनत से मुकाम हासिल
कड़ी मेहनत, साहस और विश्वास के दम पर सना अली ने यह मुकाम हासिल किया। दुनिया में हर माता-पिता हमेशा अपने बच्चों के लिए अपने दायरे से बढ़कर सब कुछ देते हैं। सना के पिता ने भी ऐसा ही किया।
पढ़ाई की सीमित सुविधा
पिता के पास कमाई के सीमित साधन थे सना के पास पढ़ाई के लिए सारी सुविधाएं नहीं थीं, फिर भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी।
पढ़ाई
उन्होंने सम्राट अशोक तकनीकी संस्थान (एसएटीआई), विदिशा से बी.टेक और एम.टेक पूरा किया। सना की पढ़ाई जारी रखने के लिए उनके पिता सैयद साजिद अली ने कर्ज लिया और सना की मां ने अपने गहने गिरवी रख दिए
माता-पिता का बड़ा सहयोग
बेटी की पढ़ाई के लिए माता-पिता ये सब त्याग कर रहे थे तो उन्हें समाज और रिश्तेदारों के तानों का भी सामना करना पड़ता था। वैसा हुआ भी।
लोगों की बातों को किया नजरअंदाज
उनसे कहा गया कि इतना मत पढ़ाओ, शादी करके अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो जाओ। लेकिन उन्होंने सभी बातों को नजरअंदाज करते हुए बेटी को आगे बढ़ाने की हर संभव कोशिश की।
इंजीनियर से की शादी
2022 में सना अली ने ग्वालियर के इंजीनियर अकरम से शादी कर ली। पति और ससुराल वालों का सहयोग मिला। सना के माता-पिता के साथ-साथ उसके ससुराल वालों ने भी उसकी पढ़ाई और नौकरी पाने में पूरा सहयोग दिया।