By Mahima Sharan18, Dec 2024 07:40 PMjagranjosh.com
क्रिसमस डे
दुनियाभर में हर साल 25 दिसंबर क्रिसमस डे के तौर पर मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है इसी तारीख को ईसाई धर्म के संस्थापक ईसा मसीह का जन्म हुआ था। ईसाई धर्म में यह त्योहार हर त्योहार हर साल बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। लोग घरों और चर्चों को मोमबत्तियों और क्रिसमस ट्री से सजाते हैं। इसके साथ ही इस दिन कई तरीके के परंपराएं भी निभाई जाती है, जिसके बारे में आज हम आपको बताएंगे-
परंपरा
इस दिन लोग चर्च जाकर कैंडल जलाते हैं और प्रार्थना करते हैं। ऐसा कहा जाता है कि इसके बिना क्रिसमस का त्योहार अधूरा है। साथ ही लोग क्रिसमस ट्री को भी बहुत ही प्यारे तरीकों से सजाते हैं। इसके ऊपर, रिबन, गिफ्ट्स और घंटी लटकाई जाती हैं।
सेंटा
क्रिसमस के दिन बच्चों के बिच सेंटा क्लाउज भी काफी लोकप्रिय है। मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि इस दिन सैंटा स्वर्ग से आकर बच्चों को खिलौने, पंसदीदा तौहफे, चॉकलेट बांटते हैं और फिर वापस चले जाते हैं।
झांकिया
क्रिसमस वाले दिन चर्चों में जीसस क्राइस्ट के जन्म की झांकी निकाली जाती है। जिसमें बाल यीशू को मदर मैरी और पिता युसुफ के साथ दिखाया जाता है। इसके साथ ही आस-पास में फरिश्तें और परियों को भी दिखाया जाता है।
जिंगल बेल
इस दिन ईसा मसीह के लिए जिंगल बेल सॉंग गाई जाती हैं। इसके साथ ही इस दिन लोग केक काटते हैं और आपस में गिफ्ट बांटकर खुशियां मनाते हैं।
क्रिसमस बच्चों से लेकर बड़े तक के लिए खुशियां लेकर आता है। शिक्षा से जुड़ी तमाम खबरों के लिए जुड़े रहे jagranjosh के साथ
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