Maha Kumbh: इंजीनियरिंग छोड़ संन्यासी बने 'IIT बाबा' अभय सिंह
By Mahima Sharan16, Jan 2025 06:05 PMjagranjosh.com
महाकुंभ मेला
महाकुंभ 2025 के पहले अमृत स्नान पर पवित्र स्नान करने के लिए कई अखाड़े संगम पहुंचे। दिलचस्प बात यह है कि प्रयागराज में हर 12 साल में आयोजित होने वाला महाकुंभ मेला दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समागम है, जिसमें दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। 45 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में 40 करोड़ से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
आईआईटी बाबा
भीड़ की इस अलग-अलग श्रेणी के बीच, एक अलग ही चेहरा सामने आया है, जिसे लोग आईआईटी बाबा के नाम से वायरल कर रहे हैं। वे आईआईटी बॉम्बे के एयरोस्पेस इंजीनियर अभय सिंह हैं, जिन्होंने अपने होनहार वैज्ञानिक करियर को छोड आध्यात्मिकता की ओर अपना रुख कर लिया है।
कौन हैं आईआईटी बाबा अभय सिंह?
हरियाणा के रहने वाले अभय सिंह ने आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। अपने शैक्षणिक जीवन के दौरान, उन्होंने फिलोसफी में गहरी रुचि विकसित की और प्लेटो, सोक्रेट्स के कार्यों की पढ़ाई करके जीवन की गहरी समझ की तलाश की।
अभय से बने मसानी गोरख
बाद में, अभय सिंह ने अपना नाम बदलकर मसानी गोरख रख लिया और अपना जीवन भगवान शिव को समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें राघव और जगदीश जैसे अन्य नामों से भी जाना जाता है। उन्होंने छात्रों को फिजिक्स में कोचिंग भी दी।
बेहद ही पढ़े-लिखें हैं संन्यासी अभय
अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद, IIT बाबा ने डिजाइन में मास्टर डिग्री हासिल की और फ़ोटोग्राफ़ी के ज़रिए अपने रचनात्मक पक्ष को तलाशा। अपनी अकेडमिक और आर्टिस्ट उपलब्धियों के बावजूद, उन्होंने महसूस किया कि उनका असली लक्ष्य आध्यात्मिकता है और इसने उनके जीवन में बहुत बड़ा बदलाव किया।
जीवन का सबसे अच्छा चरण
कुंभ मेले में, अभय सिंह ने कहा कि उनकी आंतरिक खोज ने उन्हें अपना साइंटिस्ट करियर छोड़ने और एक साधु का जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया। महाकुंभ मेला 2025 में, उन्होंने अपनी यात्रा का वर्णन करते हुए कहा, यह चरण सबसे अच्छा चरण है।
एक सफल इंजीनियर से एक भिक्षु बनने तक का उनका परिवर्तन सोशल मीडिया पर लोगों को काफी प्रभावित कर रहा है। शिक्षा से जुड़ी तमाम खबरों के लिए जुड़े रहे jagranjosh के साथ