श्रीनिवास रामानुजन से जुड़ी अहम बातें, जानिए


By Priyanka Pal22, Dec 2023 01:47 PMjagranjosh.com

श्रीनिवास रामानुजन

भारत के महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन का जन्म 22 दिसंबर 1887 को कोयंबटूर के ईरोड गांव के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था।

बचपन

उन्होंने 3 साल की उम्र में बोलना शुरू नहीं किया था, लेकिन 10 साल की उम्र में उन्‍होंने प्राइमरी एग्‍जाम में पूरे जिले में टॉप किया।

स्कोलरशिप

यह उनकी प्रतिभा का ही फल था कि उन्‍हें उन्‍हें आगे की पढ़ाई के लिए स्‍कॉलरश‍िप भी मिली।

मैथ्‍स के ज्ञानी

रामानुजन का मन सिर्फ मैथ्‍स में लगता था, उन्‍होंने दूसरे सब्‍जेक्‍ट्स की ओर ध्‍यान ही नहीं दिया।

पेपर पब्लिश

1911 में इंडियन मैथमेटिकल सोसाइट के जर्नल में उनका 17 पन्‍नों का एक पेपर पब्‍लिश हुआ जो बर्नूली नंबरों पर आधारित था।

क्लर्क की नौकरी

1912 में रामानुजन मद्रास पोर्ट ट्रस्‍ट में क्‍लर्क की नौकरी जरूर करने लगे थे लेकिन तब तक उनकी पहचान एक मेधावी गणितज्ञ के रूप में होने लगी थी।

रॉयल सोसाइटी ऑफ लंदन के सदस्य

1916 में रामानुजन को कैंब्रिज से बैचलर ऑफ साइंस की डिग्री मिली और 1918 में वो रॉयल सोसाइटी ऑफ लंदन के सदस्‍य बन गए।

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