नींद की कमी बच्चों को मानसिक रूप से बनाती है कमजोर
By Mahima Sharan29, Nov 2023 11:37 AMjagranjosh.com
बेहतर मानसिक स्वास्थ्य
आपके बच्चे कि बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छी नींद बेहद ही जरूरी होती है। इस बात को हर अभिभावक ने नोटिस किया होगा कि जब बच्चों कि नींद रात में पूरी नहीं होती है, तो वो पूरा दिन चिड़चिड़ा महसूस करते हैं।
थकान और फोकस
नींद बच्चों के स्वास्थ्य और खुशहाली के ओर पहला कदम है। एक रात की भी खराब नींद बच्चों में थकान पैदा करने के साथ-साथ फोकस को भी कम करती है।
मस्तिष्क स्वास्थ्य पर लंबा असर
कई सारे रिसर्च में यह पाया गया है कि नींद की कमी बच्चों के मस्तिष्क पर लंबा प्रभाव डालती है। बदहाल यह केवल बच्चों तक कि सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं और बुजुर्गों पर भी इसका असर देखा जाता है।
बुद्धिमान बच्चों कि खासियत
हम अक्सर ऐसे बच्चों कि तारीफ करते है जिन की मेमोरी पावर बहुत तेज होती है, उन्हें आसानी से चीजें याद हो जाती है। ऐसा कह सकते हैं कि ये बच्चे अपनी नींद को पूरा करते हैं जिससे कि उनका दिमाग तेज चलता है।
तनाव
नींद कि कमी से बच्चों में तनाव बढ़ता है। इतना ही नहीं नींद से वंचित बच्चों को अपनी भावनाओं को नियंत्रित रखने में बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ता है।
चिंता
अनिद्रा से बच्चे चिंता के घेरे में आ जाते हैं। इससे उनके व्यवहार पर भी फर्क पड़ता है। लोगों के प्रति उनका आचरण खराब होता है। अपने चिड़चिड़ापन के कारण वे दूसरों से सही तरीके से बात नहीं करते।
याद करने की क्षमता
एक संपूर्ण नींद बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता को बढ़ाती है। इसके साथ जो बच्चे पूरी मात्रा में नींद लेते है उन्हें चीजें जल्दी याद होती है।