By Priyanka Pal08, Nov 2023 11:55 AMjagranjosh.com
डीपफेक
डीप लर्निंग और फेक इसमें AI सॉफ्टवेयर का उपयोग कर एक मौजूदा मीडिया फाइल की नकली प्रकृति तैयार की जाती है।
उपयोग
इसका इस्तेमाल न केवल आज के समय में बल्कि भविष्य में तेजी से हो सकता है जिसके जरिए किसी भी व्यक्ति द्वार बोले गए शब्दों, शरीर की गतिविधि या अभिव्यक्ति को दूसरे व्यक्ति पर इ सहजता के साथ बदला जा सकता है।
अन्य देशों के उपाय
यूरोपीय संघ के पास डीपफेक के माध्यम से दुष्प्रचार के प्रसार रोकने के लिए एक आचार संहिता को बनाया गया है।
भारतीय कानूनी प्रावधान
भारत में डीपफेक तकनीक के इस्तेमाल के खिलाफ कोई कानूनी नियम यह है कि अगर कोई व्यक्ति इसका इस्तेमाल कर गलत जानकारी फैलाने की कोशिश करता है तो प्रभावित व्यक्ति मानहानि दर्ज करा सकता है।
सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम 2000
ऐसे मामले जहां डेटा चोरी, अवैध तरीकों से डीपफेक वीडियो आदि पीडित व्यक्ति को इस कानून के जरिए हेल्प मिलेगी।
गोपनीय कानून
किसी व्यक्ति की सहमति के बिना कोई डीपफेक वीडियो बनाता है तो यह कानून उसे सुरक्षा प्रदान करेगा।
उपभोक्ता संरक्षण कानून
धोखाधड़ी होने पर व्यक्ति 2019 के उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम जैसे उपभोक्ता संरक्षण कानूनों के तहत राहत मांग कर सकते हैं।
कानूनी मांग
व्यक्ति इंटरनेट से डीपफेक वीडियो सहित अपनी व्यक्तिगत जानकारी को हटाने का अनुरोध करने के लिए कानून की अदालतों से संपर्क कर सकते हैं।