Maha Kumbh 2025: 3 सरकारी नौकरियां छोड़ने वाले आचार्य बने रूपेश कुमार झा से मिलि


By Priyanka Pal15, Jan 2025 04:35 PMjagranjosh.com

रूपेश कुमार झा कौन हैं?

रूपेश कुमार झा कोई साधारण इंसान नहीं बल्कि महाकुंभ में नजर आ रहे अब एक आचार्य के रूप में आपको दिखेंगे। इतना ही नहीं उन्होने सात बार यूजीसी नेट की परीक्षा पास की और तीन सरकारी नौकरियां छोड़ी हैं।

बिहार के निवासी

मूल रूप से मिथिला के रहने वाले रूपेश कुमार मधुबनी जिले के सरस उपही गांव में लक्ष्मीपति गुरुकुल चलाते हैं, जहां करीब 125 बच्चे संस्कृत की पढ़ाई कर रहे हैं।

एजुकेशन

आचार्य रूपेश कुमार ने पत्रकारों को बताया, उन्होंने कई बार यूजीसी नेट की परीक्षा दी और पास भी हुए। उन्होंने दो बार जेआरएफ के लिए भी क्वालीफाई किया।

डीयू की डिग्री

आचार्य रूपेश कुमार ने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरी की है। इसके बाद उन्होंने ब्रह्मचर्य आश्रम के गुरुकुल में शिक्षा ग्रहण की।

संस्कृत भाषा पढ़ाना

आचार्य रूपेश के अनुसार, उन्होंने न केवल यूजीसी नेट क्वालिफाई किया, बल्कि सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए तीन स्थायी नौकरियां छोड़कर संस्कृत भाषा पढ़ाने का बीड़ा उठाया।

गुरुकुल चलाते हैं

उनका कहना है कि उनके गुरुकुल में पढ़ने के लिए कई बच्चे अंग्रेजी माध्यम के स्कूल छोड़कर आए हैं।

लक्ष्य

अब उनका लक्ष्य पूरे बिहार में 108 गुरुकुल खोलना है। इन दिनों वे अपने शिष्यों के साथ महाकुंभ में स्नान करने आए हैं।

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