रवींद्रनाथ टैगोर के ये प्रेरक प्रसंग बढ़ाएंगे बच्चों का मनोबल


By Mahima Sharan19, Sep 2024 12:15 PMjagranjosh.com

रवींद्रनाथ टैगोर के प्रेरक विचार

रवींद्रनाथ टैगोर FRAS भारतीय के एक पोलीमथ होने के साथ-साथ कवि, लेखक, नाटककार, संगीतकार, दार्शनिक, समाज सुधारक और चित्रकार के रूप में भी सक्रिय थे। आज हम आपका मनोबल बढ़ाने के लिए टैगोर के कुछ प्रेरक विचार लेकर आए हैं-

जड़ों से जुड़ाव

मिट्टी के बंधन से मुक्ति पेड़ के लिए आजादी नहीं है। इसका अर्थ है कि मनुष्य को हमेशा अपनी जड़ों से जुड़ा रहने चाहिए।

तर्क करने वाला दिमाग

हमेशा तर्क करने वाला दिमाग वह चाकू है जो प्रयोग करने वाले के हाथ काट सकता है। इसलिए हर स्थिति में तर्क देने की आवश्यकता नहीं है, कभी-कभी शांत रहने में समझदारी है।

शिक्षा

किसी बच्चे की शिक्षा अपने ज्ञान तक सीमित मत रखिए। ज्ञान को समय के साथ बढ़ाया जा सकता है।

खतरों का सामना

यह प्रार्थना न करें कि हमारे ऊपर खतरे न आएं, बल्कि यह प्रार्थना करें कि हम सभी खतरों का निडरता से सामना कर सकें।

सत्य

बर्तन में रखा पानी हमेशा चमकता है और समुद्र का पानी हमेशा गहरे रंग का होता है। सत्य के शब्द हमेशा स्पष्ट होते हैं, महान सत्य मौन रहता है।

रवींद्रनाथ टैगोर के ये विचार हमेशा आपको प्रेरित करेंगे। शिक्षा से जुड़ी तमाम खबरों के लिए जुड़े रहे jagranjosh के साथ 

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