डांटने-मारने से नहीं सुधरेंगे बच्चे, ट्राई करें टाइम आउट टेक्निक
By Mahima Sharan28, Jun 2024 03:27 PMjagranjosh.com
क्या है टाइम आउट का सिद्धांत?
टाइम आउट पेरेंटिंग का एक तरीका है, जिसमें जब बच्चा कोई गलती करता है, तो उसे तुरंत डांटकर या फटकार लगाकर सज़ा नहीं दी जाती, बल्कि उसे एक कमरे में अकेला छोड़ दिया जाता है।
अकेले सोचने का समय
जहां उसके मनोरंजन का कोई विकल्प न हो और घर का कोई सदस्य उससे बात भी न करे। ऐसे में बच्चे को सोचने का समय मिल जाता है। उन्हें सही और गलत का फर्क समझ में आता है। शांत मन से खुद का बेहतर मूल्यांकन किया जा सकता है।
मानसिक मजबूती
इससे बच्चे मानसिक रूप से मजबूत बनते हैं, जो उनकी बढ़ती उम्र में काफी मददगार साबित होता है।
गलती समझने में मदद
डांटने और मारने की बजाय ऐसा करने से बच्चे अपनी गलती जल्दी समझ जाते हैं, जिससे वे दोबारा गलती करने से बच जाते हैं।
बात सुनना
इस उपाय की मदद से बच्चे अपने माता-पिता की बात सुनना शुरू कर देते हैं।
आत्मनिरीक्षण
टाइम आउट सिद्धांत बच्चों को आत्मनिरीक्षण करने का मौका देता है।
सकारात्मक बदलाव
इससे बच्चों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आते हैं। वे अपने माता-पिता की बात ध्यान से सुनते हैं और उनकी बात मानते हैं।
ये टिप्स आपके बच्चे के लिए मददगार साबित होंगे। शिक्षा से जुड़ी तमाम खबरों के लिए जुड़े रहे jagranjosh के साथ