PG Courses : मास्टर डिग्री की पढ़ाई का पैटर्न बदला


By Priyanka Pal17, Jun 2024 09:32 AMjagranjosh.com

यूजीसी

यूनियन ग्रांट कमिशन की ओर से जारी किए गए लेटेस्ट करिकुलम फ्रेमवर्क के अनुसार देश में पीजी कोर्सेस में बदलाव कर दिए गए हैं।

नई शिक्षा नीति

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत जो भी उम्मीदवार जिस भी सब्जेक्ट में पोस्ट ग्रेजुएशन करना चाहते हैं, वे अब कर सकते हैं।

पीजी कोर्स

यूजीसी ने कॉलेजों को यह छूट दे दी है कि वो अलग-अलग तरह के पीजी प्रोग्राम शुरू कर सकें। अगर किसी स्टूडेंट ने ग्रेजुएशन कर ली है,तो दो साल का पीजी प्रोग्राम चुन सकते हैं, जिसमें दूसरे साल आप रिसर्च भी दे सकते हैं।

ऑनर्स प्रोग्राम

लेकिन अगर किसी स्टूडेंट ने चार साल का ऑनर्स या रिसर्च के साथ ऑनर्स प्रोग्राम किया है तो उनके लिए एक साल का पीजी प्रोग्राम भी होगा।

नया करिकुलम

अगर आप एंट्रेंस क्रैक कर लें, तो ग्रेजुएशन के सब्जेक्ट से परे, कोई और विषय भी चुन सकते हैं।

ऑनलाइन विकल्प

स्टूडेंट्स के पास ऑफलाइन, ऑनलाइन, या दोनों तरीकों से पढ़ाई करने का विकल्प भी मौजूद रहेगा।

क्रेडिट सिस्टम

अगर आपने 160 क्रेडिट के साथ B.E., B.Tech. जैसे चार साल का ग्रेजुएशन पूरा किया है, तो आप M.E., M. Tech. जैसे दो साल के पीजी प्रोग्राम में दाखिला ले सकते हैं।

मास्टर डिग्री

पीजी फ्रेमवर्क को NCF यानी नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क के साथ कनेक्ट किया जाएगा। यूनिवर्सिटीज अब मशीन लर्निंग जैसे सब्जेक्ट को तैयार करेगा।

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