By Priyanka Pal09, Nov 2024 06:46 PMjagranjosh.com
भारत में चाय के दीवानों की कमीं नहीं हैं, सुबह की चाय, खाने के बाद चाय, रात को चाय और किसी से मिलने जाओं तो चाय। यहां तक की बड़ी – बड़ी चर्चाओं पर, चाय लोगों के लिए अलग एहसास है। जिसे चुश्ती दूर करने के लिए जाना जाता है।
क्या आपने कभी सोचा है कि भारत के शहरों से गांवों तक में पहुंचने वाली मशहूर चाय आखिरकार किस भाषा का शब्द है? जिसे दुनियाभर में इसी नाम से जाना जाता है।
चाय से टी
ज्यादातर लोगों को लगता है कि चाय का आविष्कार भारत में ही हुआ है। ऐसा बिल्कुल नहीं है, चाय जिसे इंग्लिश में लोग टी कहना पसंद करते हैं।
चाय शब्द
हिंदी में हरेक व्यक्ति के मुंह से बोला जाने वाला शब्द चाय दरअसल, चीनी शब्द चा से आया है। जिसे मंडेरियन भाषा का शब्द कहा जाता है।
अन्य देश
ऐसा नहीं है कि सिर्फ भारतीय ही इसे चाय बोलते हैं। बल्कि चीन में, कोरिया और जापान में भी इसे चाय ही बोला जाता है।
पारसी में चाय
चाय को पारसी में Chaye कहा जाता है, जो उर्दू में चाय बन गया। अरबी में इसे Shay, रूसी में Chay, स्वाहिली भाषा में इसे चाय कहते हैं।
अंग्रेजी का टी
अंग्रेज़ी का टी शब्द भी चीन का है। चीन के एक इलाने में मिन नान भाषा बोली जाती है, व्यापार के लिए आने वाले लोग इसे टी बोलने लगे और ये बाकी जगहों पर टी बोला गया।
हिंदी
शुद्ध हिंदी में चाय को दुग्ध जल मिश्रित शर्करा युक्त पर्वतीय बूटी कहा जाता है। इसे संस्कृतनिष्ठ हिंदी में ऊष्णोदक भी कह सकते हैं।
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