By Priyanka Pal13, Jan 2025 05:09 PMjagranjosh.com
पूरे भारत में मकर संक्रांति बड़े ही धूमधाम से मनाई जाती है। वहीं कुछ राज्य इसे मकर संक्रांति तो कुछ इसे उत्तरायण के नाम से मनाते हैं। मकर संक्रांति के दिन गुजरात में पतंगबाजी का आयोजन किया जाता है।
पतंग महोत्सव
इतना ही नहीं गुजरात में पतंग महोत्सव का आयोजन त्यौहार के तीन - चार दिन पहले से किया जाता है। इस साल सीएम भूपेंद्र पटेल ने अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का आयोजन 11 जनवरी से शुरू कर दिया है।
पतंगबाज
इस साल पतंग महोत्सव में भाग लेने के लिए देश के 11 राज्यों में 52 और 47 देशों से 143 पतंगबाज शामिल हुए हैं। इसमें स्टूडेंट से लेकर बड़े - बड़े धुरंधर पतंगबाजी करने पहुंते हैं।
सैंकड़ों साल पुरानी पतंग
इतना ही नहीं इस पतंग महोत्सव में इंडोनेशियाई पतंगबाजों ने सीएम भूपेंद्र पटेल को सैकड़ों साल पुरानी पतंग भेट के रूप में दी है।
विदेश से पहुंचे पतंगबाज
राज्य सरकार के आंकड़े बताते हैं कि इस साल पतंग महोत्सव में 47 देशों के 143 पतंगबाज और भारत के 11 राज्यों के 52 पतंगबाज शामिल हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव
इतना ही नहीं, बल्कि इस साल के अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव में कुल 75 पतंगबाज भाग लेंगे, जिनमें 13 देशों के वहीं अन्य राज्य के 11 और 30 पतंगबाज शामिल होंगे।
इतिहास
गुजरात में पतंगबाजी का इतिहास सदियों पुराना है, माना जाता है कि पहले राजाओं और रानियों के मनोरंजन के लिए पतंगबाजी शुरू हुई थी। धीरे-धीरे ये सांस्कृतिक परंपरा बन गई।
अहमदाबाद
पतंग महोत्सव के लिए अहमदाबाद सबसे प्रसिद्ध स्थान है। यहां का अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव विश्व भर के पतंगबाजों को आकर्षित करता है।
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