दिल्ली का लोटस टेंपल किसने बनवाया था?


By Priyanka Pal13, Feb 2025 02:00 PMjagranjosh.com

दिल्ली का लोटस टेंपल

भारत की राजधानी दिल्ली में बना लोटस टेंपल देखने में काफी सुंदर लगता है। जो पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने के लिए जाना जाता है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि इसे किसने बनवाया था? यदि नहीं तो आज इस स्टोरी में जानिए।

मूर्ति ना होने के बाद भी मंदिर कहलाया

क्या आपने कभी ये सोचा है कि लोटस टेंपल में एक भी मूर्ति मौजूद नहीं है फिर भी इसे टेंपल क्यों कहा गया?

लोटस टेंपल

दरअसल, ये टेंपल बहाई धर्म का है। इस धर्म में मूर्ति पूजा की परंपरा नहीं है, इसलिए मंदिर के अंदर कोई मूर्ति मौजूद नहीं है।

उद्घाटन

लोटस टेंपल का उद्घाटन 24 दिसंबर 1986 को किया गया था, लेकिन आम लोगों के लिए यह मंदिर 1 जनवरी 1987 में ओपन किया गया था।

डिजाइन

लोटस टेंपल को ईरानी वास्तुकार फरीबोर्ज सहबा ने कमल के आकार में डिजाइन किया था। इसे बहाई समुदाय के लोगों द्वारा बनवाया गया था। लोटस टेंपल के वास्तुकार एक ईरानी, ​​फरीबोरज साहबा थे।

कमल का आकार

लोटस टेंपल दिन में मोती की तरह चमकता है और रात में लाइट लगी होने की वजह से जगमगाता है। इसकी खूबसूरती किसी को भी आकर्षित कर सकती है।

संगमरमर

इस मंदिर के 40 मीटर के हॉल में करीब 2400 लोग एक साथ बैठ सकते हैं। बताया जाता है कि मंदिर के निर्माण में लगे संगमरमर को ग्रीस और पेंटेली पर्वत से मंगाया गया था।

शांति का प्रतीक

अगर आप शांति और सुकून की तलाश में हैं, तो दिल्ली के नेहरू प्लेस में बने लोटस टेंपल में घूमने आ सकते हैं। यह मंदिर शांति और सुकून का केंद्र है।

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