By Mahima Sharan16, Jan 2025 11:58 AMjagranjosh.com
बच्चों का आत्मविश्वास
बचपन एक ऐसी नींव है, जो एक बच्चे की किस्मत संवार भी सकती हैं और बिगाड़ भी सकती हैं। बड़े होकर उनका आत्मविश्वास कैसा और कितना होगा यह इस बात पर तय करता है कि उसकी नींव कैसे रखी गई है। आत्मविश्वास ही सफलता की कुंजी है, लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि बच्चों का आत्मविश्वास क्यों कम हो रहा है।
अकेले रहने वाले बच्चे
घर की रौकन बच्चों की खिलखिलाहट से ही होती है। परिवार की छाया से दूर रहने वाले बच्चों का कॉन्फिडेंस समय का साथ कम हो सकता है। ऐसा तब होता है, जब बच्चे नैनी के साथ या डे केयर में अपने दिन का महत्वपूर्ण समय बीताते हैं, तब उनका आत्मविश्वास कम होने लगता है , क्योंकि बच्चों को ऐसे जगहों पर एडजस्ट होने में समस्या होती है और वे खुलकर नहीं पाते। छोटे बच्चों को प्यार की जरूरत होता है, लेकिन नैनी या केयर टेकर के साथ रहने से बच्चे अपनी भावनाओं को छुपाना शुरू कर देते हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास कम होता जाता
बच्चों की कमजोरियां दूसरों को बताना
कई बार माता-पिता अपने बच्चों की कमजोरियों को दूसरों के साथ शेयर करते हैं, जिससे वे शर्मिंदा महसूस करते हैं और उनका आत्मविश्वास कम होने लगता है। ऐसा करने से न केवल बच्चों का आत्मविश्वास कमजोर होते हैं, बल्कि भविष्य में उन्हें दूसरों पर भरोसा करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे बच्चों के मन में उनके माता-पिता के प्रति नकारात्मक भावना भी पैदा हो सकती है।
गलतियों पर बच्चों को डांटता
आपको यह मानना होगा कि गलतियां सभी से होती है, फिर बच्चे तो नादान होते ही है और यह उनकी गलतियां करने की उम्र हैं। समझदारी इसमें है कि आप अपने बच्चों के कैसे उन गलतियों से सीख लेने के लिए प्रेरित करते हैं। कई बार माता-पिता बच्चों को गलतियां करने से रोकते हैं या कई बार उनकर चिल्ला देते हैं या फिर हाथ उठा देते हैं। आप बेशक यह उन्हें अनुशासन में रखने के लिए करें, लेकिन इससे उनका आत्मविश्वास कमजोर होता है और भविष्य में कुछ भी नया ट्राई करने से डरते हैं।
बच्चों के हर काम और फैसले खुद लेना
कोई भी माता-पिता यह नहीं चाहता कि उनके बच्चे को किसी तरह की परेशानी हो और यही कारण है कि वे बच्चों के हर छोटे-बड़े काम या फैसने खुद करने लगते हैं, जिससे बच्चों की निर्भरता माता-पिता पर बढ़ जाती हैं। बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाना है, तो उन्हें अपने चीजों और कार्यों के प्रति जिम्मेदार होना सिखाएं।
दूसरों से तुलना करना
बच्चों का मन बेहद ही कोमल होता है। हर छोटी बात उनके आत्मविश्वास को बढ़ा भी सकती हैं औप नष्ट भी कर सकती हैं। ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चे को बेस्ट और स्मार्ट बनाने के चक्कर में उनकी तुलना दूसरे बच्चों से करने लगते हैं, इससे न केवल उनके मन में द्वेष पैदा होता है, बल्कि उनका आत्मविश्वास भी कम होता है।
इन आदतों के कारण भविष्य में बच्चा लॉ कॉन्फिडेंस बन जाता है। माता-पिता के तौर पर आपको इन बातों को समझ कर सुधारने की आवश्यकता है। शिक्षा से जुड़ी तमाम खबरों के लिए जुड़े रहे jagranjosh के साथ
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