By Mahima Sharan21, Feb 2025 06:41 PMjagranjosh.com
भारत का मोबाइल नंबर
आज के डिजिटल युग में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया है। कॉल करने, मैसेज करने या इंटरनेट इस्तेमाल करने के लिए मोबाइल नंबर हमारी पहचान बन गया है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत में हर मोबाइल नंबर के आगे +91 क्यों लगा होता है?
भारत का कोड
यह कोई सामान्य कोड नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक दिलचस्प इतिहास है। +91 भारत का अंतरराष्ट्रीय देश कोड है, जिसे अंतरराष्ट्रीय टेलीकम्युनिकेशन यूनियन ने तय किया है। ITU संयुक्त राष्ट्र की एक खास एजेंसी है, जो दुनिया भर में इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से जुड़ी चीजें तय करती है।
+91 का क्या महत्व है?
+91 कोड भारत की वैश्विक पहचान है। यह किसी भी कॉल को नेटवर्क में सही तरीके से रूट करने में मदद करता है। इस कोड के बिना अंतरराष्ट्रीय कॉल संभव नहीं हैं।
कोड की शुरुआत कैसे हुई?
1960 में, अंतरराष्ट्रीय कॉलिंग को ऑर्गेनाइज करने की जरूरत महसूस की गई। उस समय पूरी दुनिया में नेटवर्क तेजी से बढ़ रहा था, लेकिन देशों के बीच बात-चीत के लिए कोई प्रणाली नहीं थी। ITU ने प्रत्येक देश को एक खास कोड में बाटा, और भारत को +91 कोड मिला।
भारत में कम्यूनिकेशन का विकास
ब्रिटिश शासन के दौरान 19वीं सदी में टेलीग्राफ और टेलीफोन की शुरुआत हुई थी। वहीं 1980-90 के दशक में मोबाइल फोन की एंट्री हुई, जिसने कम्युनिकेशन में पूरी तरह से क्रांति ला दी।
वर्तमान का समय
आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी टेलीकम्युनिकेशन मार्केट बन गया है, जिसकी वैश्विक पहचान +91 है।
जब आप भारत से किसी दूसरे देश में कॉल करते हैं, तो आपको सबसे पहले एग्जिट कोड डालना होता है। शिक्षा से जुड़ी तमाम खबरों के लिए जुड़े रहे jagranjosh के साथ