By Priyanka Pal01, Oct 2024 07:28 PMjagranjosh.com
विदेश में नौकरी के लिए हर बार भारत के कई युवा जाते हैं, अगर आप इंजीनियरिंग करने के बाद जल्दी से विदेश में नौकरी पाना चाहते हैं यह वेब स्टोरी आपके लिए।
कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग
कंप्यूटर विज्ञान इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कंप्यूटर और विज्ञान इंजीनियरिंग में डिप्लोमा, जिसे आमतौर पर CSE के रूप में जाना जाता है, कम्प्यूटेशनल सिस्टम पर केंद्रित 3 साल का कोर्स है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
सुविधाओं, ऑप्टिकल फाइबर केबलिंग, आईपी नेटवर्क और माइक्रोवेव ट्रांसमिशन जैसे दूरसंचार उपकरण और सुविधाओं के लिए डिजाइन बनाना और देखरेख करना है।
मैकेनिकल इंजीनियरिंग
भी प्रकार के मैकेनिकल उपकरणों, इंजनों, औजारों और मशीनों का डिजाइन और विकास करते हैं, साथ ही अक्सर कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकी और प्रणालियों की सहायता से उनका निर्माण, परीक्षण और रखरखाव करते हैं।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा एक तीन साल का कोर्स है जो उन जो उन स्टूडेंट के लिए है जो इलेक्ट्रिकल इंजीनियर के रूप में अपना करियर बनाना चाहते हैं।
एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
एयरोस्पेस इंजीनियर का कार्य स्पेसक्राफ्ट, डिफेंस सिस्टम और एविएशन और एविओनिक्स में इस्तेमाल होने वाली नई इंजीनियरिंग तकनीकों को तैयार करना है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग
वर्तमान में इसका उपयोग व्यावहारिक रूप से हर उद्योग में व्यापक रूप से किया जा रहा है और इसे कंप्यूटर विज्ञान के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।
डेटा साइंस एंड एनालिटिक्स
डेटा साइंस और एनालिटिक्स के क्षेत्र में काम करने के लिए, प्रैक्टिकल अनुभव और परियोजनाओं में काम करना जरूरी है। डेटा साइंस और एनालिटिक्स में करियर बनाने के लिए, आप मास्टर डिग्री भी कर सकते हैं।
ऐसी ही करियर टिप्स, सरकारी नौकरियों, मोटिवेशनल कोट्स और एजुकेशन से जुड़ी तमाम खबरों के लिए जुड़े रहे jagranjosh.com के साथ।