By Prakhar Pandey12, Mar 2023 12:54 PMjagranjosh.com
वायुमंडल
आज हम बात करेंगे वायुमंडल की परतों की, आइए जानते हैं कि आखिर वायुमंडल में कितनी परतें होती हैं।
परतें
वायुमंडल की कई अलग-अलग परतें होती हैं। ट्रोपोस्फीयर, स्ट्रेटोस्फीयर, मेसोस्फीयर, आयनोस्फीयर, एक्जोसफियर और थर्मोस्फीयर इनकी परतें होती हैं।
ट्रोपोस्फीयर
ट्रोपोस्फीयर जिसे हम क्षोभ मंडल भी कहते हैं, यह वायुमंडल की पहली परत होती हैं और इसमें सभी प्रकार के मौसम परिवर्तन होते हैं। गर्मी में ट्रोपोस्फीयर की मोटाई बढ़ जाती हैं।
स्ट्रैटोस्फियर
वायुमंडल की दूसरी परत स्ट्रैटोस्फियर यानी समताप मंडल क्षोभ सीमा(ट्रोपोपौस) से करीब 50 तक फैला हुआ हैं। स्ट्रैटोस्फियर के अंत को स्ट्राटोपौसे भी कहते हैं। इस मंडल में तापमान गिरने लगता हैं।
मीसोस्फीयर
मध्यमंडल यानी मीसोस्फीयर स्ट्रैटोस्फियर के ऊपर होता हैं, मीसोस्फीयर 80 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ हैं। माइनस 90 डिग्री सेल्सियस के रूप में यहां फिर से तापमान कम हो जाता हैं।
थर्मोस्फीयर
बाह्य वायुमंडल ठीक मीसोस्फीयर के ऊपर स्थित होता हैं, इस परत की लंबाई लगभग 640 किलोमीटर तक होती हैं। इस स्फीयर का टेम्प्रेचर 1480 डिग्री तक पहुंच जाता हैं। जो कि काफी गर्म होता हैं।
आयनोस्फीयर
आयनोस्फीयर लंबी दूरी के संचार में मदद करती हैं। इस परत का गर्म तापमान पृथ्वी की ओर आने वाले सभी मलबे को जला देता हैं।
एक्जोसफियर
यह परत ठीक आयनोस्फीयर के ऊपर स्थित होती हैं। बहिर्मंडल में केवल ऑक्सीजन,हीलियम , आर्गन और नाइट्रोजन जैसी गैसों के निशान होते हैं। इस परत में तापमान 300-1650 डिग्री सेल्सियस तक होता हैं।
एटमॉस्फेरिक प्रेशर
पृथ्वी के वातावरण के भीतर दबाव को एटमॉस्फेरिक प्रेशर या वायुमंडलीय दबाव कहते है।