By Priyanka Pal24, Mar 2025 11:33 AMjagranjosh.com
उत्तर प्रदेश में कौन सी भाषाएं बोली जाती हैं?
उत्तर प्रदेश सांस्कृतिक और अपने समृद्ध इतिहास के लिए जाना जाता है। यहां प्रत्येक जिले की अपनी अलग विशेषताएं हैं।
जनरल नॉलेज
प्रतियोगी परीक्षाओं में आपके IQ को जानने के लिए कई तरह के सवाल पूछे जाते हैं। आज जानिए उत्तर प्रदेश में बोली जाने वाली भाषाओं के बारे में।
जनसंख्या में बड़ा राज्य
उत्तर प्रदेश उत्तर भारत का एक राज्य है जिसकी जनसंख्या 241 मिलियन से अधिक है। इसका क्षेत्रफल 243,286 वर्ग किलोमीटर है, जो भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 7.3% है।
राजभाषा
उत्तर प्रदेश में दो आधिकारिक भाषाएं हैं हिंदी और उर्दू। देवनागरी लिपि में लिखी जाने वाली हिंदी को उत्तर प्रदेश राजभाषा अधिनियम 1951 द्वारा आधिकारिक भाषा बनाया गया था। 1989 में अधिनियम में संशोधन के माध्यम से उर्दू को दूसरी आधिकारिक भाषा बना दिया गया।
अवधी भाषा
अवधी उत्तर प्रदेश के मध्य क्षेत्रों में बोली जाने वाली एक प्रमुख भाषा है। जिसमें लखीमपुर खीरी, श्रावस्ती, प्रयागराज, गोंडा, सीतापुर, लखनऊ, उन्नाव और अयोध्या जैसे कई क्षेत्र शामिल हैं।
कन्नौजी भाषा
कन्नौजी मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी भागों में बोली जाती है। जिसमें कानपुर, पीलीभीत, हरदोई, कासगंज, इटावा, कन्नौज और औरैया शामिल हैं।
बुंदेली भाषा
उत्तर प्रदेश के दक्षिणी क्षेत्रों में बुंदेली मुख्य भाषा है। जो कि जालौन, बांदा, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर और झांसी में बोली जाती है।
ब्रज भाषा
ब्रज मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश के पश्चिमी भागों में बोली जाती है। खासकर भगवान कृष्ण से जुड़े क्षेत्रों में। जिसमें मथुरा, आगरा, हाथरस, मैनपुरी, फिरोजाबाद और अलीगढ़ शामिल है।
खड़ी बोली
खड़ी बोली, हिंदी की एक बोली है, जो उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों में व्यापक रूप से बोली जाती है। जिसमें सहारनपुर, बिजनौर, बरेली, बदायूं, संभल और मुजफ्फरनगर जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
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