बिहार की&नालंदा&यूनिवर्सिटी&सबसे प्राचीन विश्वविद्यालयों में से एक हैं। इस यूनिवर्सिटी को ज्ञान का भंडार कहा जाता था।
अंतर्राष्ट्रीय यूनिवर्सिटी नालंदा&यूनिवर्सिटी&अपने समय के अंतर्राष्ट्रीय यूनिवर्सिटी थी। यहां पर देश ही नहीं विदेशों से भी छात्र आते थे।
लाइब्रेरी&नालंदा&यूनिवर्सिटी&की लाइब्रेरी काफी बड़ी थी। इस&यूनिवर्सिटी&में एक समय किताबों का भंडार हुआ करता था।
पढ़े जाने माने लोग&इस&यूनिवर्सिटी&से बेहद ही ज्ञानी लोग शिक्षा ले चुके है। इन विद्वानों में नागार्जुन,&आर्यदेव और आर्यभट्ट शामिल हैं।
विश्वविद्यालय पर हमला&इस विशाल&नालंदा&यूनिवर्सिटी&पर तीन बार हमले हो चुके हैं।
फिर खुला&करीब&800&साल बाद फिर से इस विशाल विश्वविद्यालय को छात्रो के लिए खोल दिया गया हैं। इस&यूनिवर्सिटी&को डॉ अब्दुल कलाम के कार्यालय में खोला गया था।
पर्यटक&नालंदा&यूनिवर्सिटी&को आज भी उसकी विशालता के कारण लोग दूर-दराज से देखने आते हैं।