इन दिनों क्यों चर्चाओं में है अजनार नदी, जानें वजह

इन दिनों मध्य प्रदेश की अजनार नदी चर्चाओं में बनी हुई है। इसके पीछे एक युवक बिट्टू की कहानी जुड़ी हुई है। क्या है पूरा मामला, जानने के लिए पूरा लेख पढ़ें। 

Oct 19, 2026, 12:56 IST
अजनार नदी
अजनार नदी

इन दिनों अजनार नदी चर्चाओं में बनी हुई है। इसके पीछे एक युवक कहानी जुड़ी हुई है। अजनार नदी मुख्य रूप से मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में बहने वाली एक महत्त्वपूर्ण नदी है। यह मालवा पठार के उत्तरी छोर पर स्थित प्रमुख शहर ब्यावरा के बिल्कुल बीचों-बीच से होकर गुजरती है। भौगोलिक और पर्यावरणीय रूप से यह नदी इस पूरे क्षेत्र की जीवन रेखा मानी जाती है।

क्यों चर्चाओं में है अजनार नदी

अजनार नदी हाल ही में सफाई अभियान के दौरान साफ होने के बाद फिर से गंदी होने की घटना को लेकर चर्चाओं में आ गई है। 21 साल के सुरेंद्र सिंह चौधरी(Bittu Tabahi) ने 8 महीने में अकेले ही इस नदी को प्लास्टिक, कचरा और गंदगी से साफ करने की बीड़ा उठाया था। 

Related Stories

क्या है नदी का भौगोलिक महत्त्व

अजनार नदी का बहाव क्षेत्र मालवा के पठारी इलाके में है। इस क्षेत्र की मिट्टी मुख्य रूप से काली और हल्की लाल होती है। अजनार नदी काफी हद तक मानसूनी बारिश पर निर्भर है। बारिश के मौसम में इसका पानी काफी बढ़ जाता है और यह अपने पूरे उफान पर होती है, लेकिन गर्मियों के आते-आते इसका पानी काफी कम हो जाता है। ब्यावरा शहर के लिए यह जल आपूर्ति और आसपास के कृषि क्षेत्रों के लिए एक महत्त्वपूर्ण जल स्रोत रही है।

8 महीने में साफ हुई थी नदी 

हाल ही में यह नदी अपने प्रदूषण और एक स्थानीय नागरिक के संघर्ष के कारण पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है। मध्य प्रदेश के सुरेंद्र सिंह चौधरी, जिन्हें सोशल मीडिया पर 'बिट्टू तबाही' के नाम से जाना जाता है, ने इस नदी को बचाने का बीड़ा उठाया था। तैरना न आने के बावजूद, उन्होंने लगातार 8 महीने तक अकेले अपने दम पर नदी के पानी में उतरकर कई टन प्लास्टिक, थैलियां और अन्य कचरा बाहर निकाला। 1 सितंबर 2026 को उन्होंने इस नदी को पूरी तरह से साफ कर दिया था, जिसकी पूरे देश में बहुत सराहना हुई।

फिर गंदी हुई नदी

हालांकि, यह सफलता ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। सिर्फ एक महीने बाद स्थानीय लोगों ने नदी में दोबारा पूजा सामग्री, प्लास्टिक और घरेलू कचरा फेंकना शुरू कर दिया, जिससे अजनार नदी फिर से उसी गंदी स्थिति में पहुंच गई। अपनी 8 महीने की कड़ी मेहनत को बर्बाद होता देख बिट्टू तबाही ने निराशा जताई, लेकिन हार न मानते हुए उन्होंने दोबारा इस नदी को साफ करने का काम शुरू कर दिया है।

Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Just Now

Result Updates