Who is Prof Yogesh Singh?: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के 77 साल के इतिहास में एक नया प्रशासनिक अध्याय जुड़ गया है। प्रोफेसर योगेश सिंह ने 8 अक्टूबर 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति (Vice-Chancellor) के रूप में अपने दूसरे कार्यकाल (Second Term) का कार्यभार औपचारिक रूप से संभाल लिया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय अधिनियम और इसके इतिहास में यह पहला अवसर है जब किसी कुलपति को लगातार दूसरा कार्यकाल (Re-appointment) प्रदान किया गया है। भारत की राष्ट्रपति और दिल्ली विश्वविद्यालय की विजिटर श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा उनकी नियुक्ति को स्वीकृति दी गई। प्रो. सिंह का यह कार्यकाल अगले 5 साल अथवा 70 साल की आयु (जो भी पहले हो) तक प्रभावी रहेगा।
प्रो. योगेश सिंह का संक्षिप्त परिचय और प्रोफाइल
प्रोफेसर योगेश सिंह के शैक्षणिक और प्रशासनिक करियर से जुड़ी मुख्य जानकारियों की डिटेल्स नीचे दी गई टेबल से देखें।
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इवेंट
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महत्वपूर्ण डिटेल्स
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पूरा नाम
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प्रोफेसर योगेश सिंह (Prof. Yogesh Singh)
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वर्तमान पोस्ट
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कुलपति, दिल्ली विश्वविद्यालय (Vice-Chancellor, DU)
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पहला कार्यकाल
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08 अक्टूबर 2021 से 07 अक्टूबर 2026
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दूसरा कार्यकाल
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08 अक्टूबर 2026 से प्रारंभ
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ऐतिहासिक उपलब्धि
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DU के 77 साल के इतिहास में लगातार दूसरी बार VC बनने वाले पहले व्यक्ति
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मुख्य योग्यता
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M.Tech एवं Ph.D. (कंप्यूटर इंजीनियरिंग, NIT कुरूक्षेत्र)
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पूर्व मुख्य प्रशासनिक पद
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कुलपति - DTU (दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी), कुलपति - एमएस यूनिवर्सिटी बड़ौदा, निदेशक - नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NSIT)
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विशेष उपलब्धि
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NEP 2020 का कार्यान्वयन, UGCF 2022 ढांचा, CUET प्रवेश प्रक्रिया का सफल संचालन
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77 साल के इतिहास में रचा गया नया रिकॉर्ड
दिल्ली विश्वविद्यालय की स्थापना 1922 में हुई थी। यद्यपि DU के शुरुआती दौर में डॉ. सर सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डॉ. सी. डी. देशमुख जैसी महान हस्तियों ने इस पद को सुशोभित किया था, लेकिन विश्वविद्यालय के बीते 77 वर्षों (स्वतंत्रता के बाद के दौर) के इतिहास में प्रो. योगेश सिंह पहले ऐसे कुलपति बन गए हैं जिन्हें लगातार दूसरा कार्यकाल सौंपा गया है।
उनके प्रथम कार्यकाल (2021-2026) के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय ने कई ऐतिहासिक
प्रशासनिक और अकादमिक मुकाम हासिल किए:
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) का सफल क्रियान्वयन: DU देश का पहला केंद्रीय विश्वविद्यालय बना जिसने 4-वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (FYUP) और Undergraduate Curriculum Framework (UGCF 2022) को सफलतापूर्वक लागू किया।
- सीयूईटी (CUET UG/PG) के तहत पारदर्शी प्रवेश: 12वीं के अंकों के बजाय कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के आधार पर केंद्रीकृत प्रवेश प्रणाली लागू की गई।
- फैकल्टी भर्ती और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट: सालो से लंबित सैकड़ों शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक पदों पर स्थायी नियुक्तियां (Promotions and Permanent Appointments) की गईं और नए अकादमिक ब्लॉकों का निर्माण शुरू हुआ।
कौन हैं प्रो. योगेश सिंह? जानिए उनका अकादमिक और प्रशासनिक सफर (Career Journey)
प्रोफेसर योगेश सिंह भारत के प्रमुख कंप्यूटर इंजीनियर, शिक्षाविद और कुशल प्रशासक माने जाते हैं।
1. शैक्षणिक पृष्ठभूमि (Educational Background):
- प्रो. सिंह ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT, कुरूक्षेत्र) से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में एम.टेक (M.Tech) और डॉक्टरेट (Ph.D.) की डिग्री हासिल की।
- उनके शोध पत्र और पुस्तकें सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और टेस्टिंग के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहे गए हैं।
2. प्रशासनिक अनुभव (Administrative Experience):
- DTU के कुलपति: दिल्ली विश्वविद्यालय के VC बनने से पहले वे दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) के कुलपति रहे, जहाँ उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय का काफी विस्तार हुआ।
- एमएस यूनिवर्सिटी (MSU), बड़ौदा: वे महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी, बड़ौदा के सबसे युवा कुलपतियों में से एक रहे।
- NSIT निदेशक: उन्होंने नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NSIT) के निदेशक के रूप में भी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं।
