उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले एक नया नाम चर्चा में आ गया है। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने अपनी राजनीतिक पारी शुरू करते हुए नई पार्टी ‘जन-नीति भारत पार्टी’ बनाने का ऐलान कर दिया है। गुरुवार, 15 अक्टूबर को उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर इसकी जानकारी दी।
प्रशासनिक सेवा में करीब 13 साल बिताने के बाद दिव्या मित्तल अब सियासत में अपनी पहचान बनाने की तैयारी में हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि उनकी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में उतरेगी।
मिर्जापुर सदर से लड़ सकती है चुनाव
दिव्या मित्तल के इस ऐलान के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि वह खुद कहां से चुनाव लड़ेंगी। फिलहाल मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से उनके चुनाव मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, उन्होंने अभी तक अपनी उम्मीदवारी को लेकर आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
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13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद राजनीति का रास्ता
दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी रही हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने मीरजापुर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाली। प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर काम करने के बाद अब उन्होंने राजनीति में कदम रखने का फैसला किया है।
दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति यानी वीआरएस लेने की घोषणा की थी। उनके इस फैसले ने उस समय काफी लोगों का ध्यान खींचा था। अब नई राजनीतिक पार्टी के गठन के साथ उन्होंने अपने भविष्य की दिशा भी स्पष्ट कर दी है।
बताया जाता है कि नवरात्र के दौरान मां विंध्यवासिनी के दर्शन-पूजन के बाद उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी के ऐलान की तैयारी की थी। आखिरकार 15 अक्टूबर को उन्होंने अपनी पार्टी के नाम की घोषणा कर दी।
क्या मीरजापुर सदर सीट से चुनाव लड़ेंगी दिव्या मित्तल?
दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के बाद मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मीरजापुर में जिलाधिकारी के रूप में काम करने के कारण इस जिले से उनका जुड़ाव रहा है। ऐसे में उनके इसी सीट से चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह किस विधानसभा क्षेत्र से अपनी किस्मत आजमाएंगी।
मिर्जापुर सदर सीट पर भारतीय जनता पार्टी की मजबूत पकड़ रही है। ऐसे में अगर दिव्या मित्तल यहां से चुनाव लड़ती हैं, तो मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।
2022 में भाजपा ने दर्ज की थी जीत
मिर्जापुर सदर सीट पर 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के रत्नाकर मिश्रा ने जीत हासिल की थी। उन्हें 1,18,263 वोट मिले थे, जबकि समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार कैलाश चौरसिया को 77,921 मत प्राप्त हुए थे।
अब ‘जन नीति भारत पार्टी’ के गठन के बाद देखना होगा कि दिव्या मित्तल की रणनीति क्या रहती है और उनकी पार्टी कितनी सीटों पर चुनाव लड़ती है। फिलहाल, उनकी राजनीतिक शुरुआत और मीरजापुर सदर सीट को लेकर संभावनाओं ने यूपी के सियासी माहौल में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।
