रेल से अब डायरेक्ट जुड़ेंगे यूपी के ये दो ऐतिहासिक जिलें, 79 साल बाद भी नहीं है कनेक्ट

Mathura Aligarh Rail Line: यूपी में अभी भी दो ऐसे जिलें है जो पास होते हुए भी रेल से डायरेक्ट कनेक्ट नहीं है, लेकिन इनको अब जोड़ने की मुहिम शुरू हो गई है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वोत्तर रेलवे के मथुरा-कासगंज रेलखंड पर मेड़ू जंक्शन के रास्ते प्रस्तावित मथुरा-अलीगढ़ रेल लिंक का फाइनल लोकेशन सर्वे किया जा रहा है।  

Oct 12, 2026, 18:53 IST
यूपी के इन दो जिलों को रेल से जोड़ने के लिए बिछेगी नई रेल लाइन
यूपी के इन दो जिलों को रेल से जोड़ने के लिए बिछेगी नई रेल लाइन

उत्तर प्रदेश के मथुरा और अलीगढ़ के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दोनों शहरों के बीच डायरेक्ट रेल कनेक्टिविटी विकसित करने की दिशा में रेलवे ने कदम बढ़ाया है।

बता दें कि प्रस्तावित मथुरा-अलीगढ़ रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे शुरू हो गया है। फिलहाल दोनों शहरों के बीच करीब 60 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए यात्रियों को दूसरे परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ता है। नई रेल लाइन बनने से न केवल आवागमन आसान हो सकता है, बल्कि यात्रियों के समय की भी बचत होने की उम्मीद है।

मथुरा-अलीगढ़ रेल लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे शुरू 

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्वोत्तर रेलवे के मथुरा-कासगंज रेलखंड पर मेड़ू जंक्शन के रास्ते प्रस्तावित मथुरा-अलीगढ़ रेल लिंक का फाइनल लोकेशन सर्वे किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य दोनों पड़ोसी शहरों के बीच डायरेक्ट रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।

मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने इस रेल लाइन की मांग को लेकर 14 सितंबर को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखा था। इसके बाद शुक्रवार को आगरा मंडल के सांसदों और उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के बीच हुई बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई।

हालांकि, अभी इस प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी मिलने, निर्माण शुरू होने और रेल लाइन के पूरा होने की समयसीमा को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

60 किलोमीटर की दूरी के लिए नहीं है सीधी रेल सर्विस 

मथुरा और अलीगढ़ के बीच दूरी करीब 60 किलोमीटर है, लेकिन दोनों शहरों के बीच फिलहाल सीधा रेल मार्ग उपलब्ध नहीं है। ऐसे में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ता है। इससे उन्हें यात्रा के दौरान असुविधा का सामना करना पड़ता है।

हेमा मालिनी ने इस समस्या को उठाते हुए कहा था कि आजादी के 79 साल बाद भी दोनों पड़ोसी शहरों के बीच रेल लाइन नहीं है। उन्होंने बताया कि हजारों यात्री रोजाना इस दूरी को तय करते हैं और उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

प्रस्तावित रेल लाइन तैयार होने पर यात्रियों को सीधा रेल संपर्क मिल सकता है।

मथुरा तक बढ़ सकती है आगरा-वाराणसी वंदे भारत 

मथुरा-अलीगढ़ रेल लाइन के अलावा मथुरा के यात्रियों के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस से जुड़ा प्रस्ताव भी अहम है। रेलवे ने आगरा-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस का विस्तार मथुरा तक करने की मांग पर विचार करने का संकेत दिया है। यदि इस विस्तार को मंजूरी मिलती है, तो मथुरा के यात्रियों को सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन सेवा का लाभ मिल सकता है। 

यात्रियों को क्या होगा फायदा?

मथुरा-अलीगढ़ रेल लाइन का सर्वे और वंदे भारत एक्सप्रेस के विस्तार का प्रस्ताव क्षेत्र में रेल सुविधाएं बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। नई रेल लाइन से दोनों शहरों के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो सकता है, जबकि वंदे भारत के विस्तार से यात्रियों को बेहतर ट्रेन सेवा का विकल्प मिल सकता है। अब यात्रियों की नजर परियोजना की मंजूरी और आगे की समयसीमा पर रहेगी।

Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

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