PARIVARTAN Scheme in Hindi: दिल्ली-NCR में पुराना ट्रक या बस चला रहे हैं? तो यह खबर आपके काम की है। सरकार ने ऐसे पुराने कमर्शियल वाहनों को नए और कम प्रदूषण वाले वाहनों से बदलने के लिए PARIVARTAN योजना शुरू की है। इसमें वाहन मालिकों को लोन के ब्याज में राहत, नए वाहन पर 8% तक की छूट, फ्यूल वाउचर और EV खरीदने पर 2.56 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है। योजना शुरू होने के करीब एक महीने में ही 1450 वाहन मालिक इससे जुड़ चुके हैं, इसके साथ आप भी जुड़कर योजना का लाभ उठा सकते है।
क्या है सरकार की PARIVARTAN योजना?
PARIVARTAN योजना का उद्देश्य दिल्ली-NCR की सड़कों से पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों और बसों को हटाकर उनकी जगह नए BS-VI, CNG, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है।
इस योजना को 3 जून 2026 को मंजूरी मिली थी और इसके लिए 9585 करोड़ रुपये का कुल बजट रखा गया है। इसमें केंद्र सरकार 5041 करोड़ रुपये की मदद करेगी।
किन पुराने वाहनों को बदला जाएगा?
योजना के तहत दिल्ली और NCR के हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के जिलों में पंजीकृत BS-IV या उससे पुराने 2 लाख से ज्यादा ट्रक और बसों को बदलने का लक्ष्य रखा गया है। पुराने वाहन की जगह BS-VI या उससे बेहतर डीजल/CNG वाहन या इलेक्ट्रिक वाहन लिया जा सकता है।
नया वाहन लेने पर लोन का ब्याज होगा कम
अगर नया कमर्शियल वाहन खरीदने के लिए लोन लेते हैं, तो सरकार 5% ब्याज सब्सिडी देगी। यह राहत पांच साल तक मिलेगी। केनरा बैंक (Canara Bank) को इस योजना का नोडल बैंक बनाया गया है और कई सरकारी बैंक, निजी बैंक और NBFC भी इससे जुड़ चुके हैं।
EV खरीदने पर 2.56 लाख तक की सीधी मदद
इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन खरीदने वालों के लिए सबसे बड़ा फायदा है। वाहन की कैटेगरी के हिसाब से 64000 से 2.56 लाख रुपये तक की एकमुश्त वित्तीय सहायता मिल सकती है। इसके अलावा पात्र वाहनों पर टैक्स और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी रियायतें भी मिलेंगी।
1200 से 4800 रुपये तक के फ्यूल वाउचर
यदि आप इलेक्ट्रिक वाहन नहीं लेना चाहते और पात्र BS-VI डीजल या CNG वाहन खरीदते हैं, तो भी फायदा मिलेगा। ऐसे वाहन मालिकों को पांच साल तक हर महीने 1200 से 4800 रुपये तक के फ्यूल वाउचर दिए जा सकते हैं।
वाहन की कीमत पर मिल रही कितनी छूट
नए वाहन की खरीद पर पात्र वाहन मालिकों को OEM की कीमत में कम से कम 8% की छूट भी मिलेगी। इस योजना के तहत 15 प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियां MoRTH के साथ समझौता कर चुकी हैं।
टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में भी राहत
दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश ने पात्र नए वाहनों के लिए 10 साल की मोटर व्हीकल टैक्स रियायत और रजिस्ट्रेशन फीस में छूट की व्यवस्था की है।
पुराने वाहन को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर स्क्रैप कराने पर पात्र मामलों में एक साल से ज्यादा पुरानी कुछ लंबित देनदारियां भी माफ की जा सकती हैं। ऐसे में आप इस योजना का लाभ उठा सकते है।
अक्टूबर तक 25 हजार रजिस्ट्रेशन का टारगेट
बात दें कि 14 जुलाई 2026 को लॉन्च हुई PARIVARTAN योजना में अब तक 1,450 पुराने ट्रक और बस मालिक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सरकार का लक्ष्य अक्टूबर 2026 तक इस संख्या को 25,000 से ज्यादा करने का है।
यानी अगर आपके पास दिल्ली-NCR में चलने वाला पुराना कमर्शियल ट्रक या बस है, तो उसे बदलने पर आपको एक साथ लोन, वाहन की कीमत, फ्यूल/EV और टैक्स सहित कई मामलों में राहत मिल सकती है।
