गर्मी में AC चलाना अब जरूरत बन गया है, लेकिन AC ऑन करते ही सबसे पहले बिजली बिल का ख्याल आता है। अगर आपका भी महीने का बिल AC और पंखों की वजह से तेजी से बढ़ रहा है, तो छत पर लगा सोलर सिस्टम इस खर्च को काफी हद तक कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन सवाल है कि एक AC और दो पंखों के लिए आखिर कितने किलोवाट (kW) का सोलर सिस्टम चाहिए? कितने पैनल लगेंगे और खर्च कितना आएगा? आइए आसान भाषा में पूरा हिसाब समझते हैं।
1 टन AC के लिए कितने सोलर पैनल?
एक सामान्य 1 टन AC करीब 900 से 1300 वॉट तक बिजली ले सकता है। हालांकि, वास्तविक खपत AC की स्टार रेटिंग, इन्वर्टर टेक्नोलॉजी और उपयोग के तरीके पर निर्भर करती है।
अगर AC के साथ दो पंखे और कुछ छोटी घरेलू चीजें भी चलानी हैं, तो आमतौर पर 1.5 kW से 2 kW का सोलर सिस्टम एक विकल्प हो सकता है। 400 से 550 वॉट के पैनल इस्तेमाल करने पर करीब 4 से 5 पैनल लग सकते हैं।
Related Stories
2 टन AC है तो कितनी क्षमता की जरूरत?
2 टन AC की बिजली खपत 1 टन AC के मुकाबले काफी ज्यादा होती है। यह मॉडल और परिस्थितियों के अनुसार करीब 2000 से 3000 वॉट तक खपत कर सकता है।
ऐसे में AC के साथ दूसरे घरेलू उपकरण चलाने के लिए करीब 3.5 k W से 5 k W का सोलर सिस्टम जरूरत के हिसाब से लगाया जा सकता है। इसमें लगभग 8 से 12 सोलर पैनल लग सकते हैं, अगर पैनल 400-550 वॉट की क्षमता के हों।
सिर्फ 2 पंखे चलाने हैं तो कितना खर्च?
यदि आपकी जरूरत सिर्फ दो पंखों तक सीमित है, तो बहुत बड़े सोलर सिस्टम की जरूरत नहीं होगी। एक सामान्य पंखे की क्षमता करीब 75 वॉट मानें तो दो पंखे मिलकर लगभग 150 वॉट का लोड बनाते हैं। ऐसे में दोनों पंखे रोज 10 घंटे चलें तो उनकी अनुमानित खपत करीब 1.5 यूनिट प्रतिदिन हो सकती है।
सिर्फ पंखे चलाने के लिए 300-500 वॉट का सिस्टम काम आ सकता है। वहीं पंखों के साथ LED लाइट, टीवी और मोबाइल चार्जिंग भी करनी हो तो 0.5 KW से 1 KW का सिस्टम ज्यादा उपयोगी रहेगा।
असली खर्च कितना आएगा?
सोलर सिस्टम का खर्च सिर्फ पैनलों की कीमत से तय नहीं होता। इसमें सोलर पैनल, इन्वर्टर, स्ट्रक्चर, वायरिंग, इंस्टॉलेशन और जरूरत होने पर बैटरी का खर्च भी शामिल होता है।
सबसे अच्छी बात यह है कि पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana (पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना) के तहत रूफटॉप सोलर लगाने पर सरकारी वित्तीय सहायता मिल सकती है। इससे शुरुआती निवेश का बोझ कम हो सकता है।
क्या है PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana?
प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य देश के घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देना है। इसके जरिए परिवार अपनी बिजली की जरूरत का एक हिस्सा खुद पैदा कर सकते हैं और लंबे समय में बिजली के बिल को कम कर सकते हैं।
योजना के तहत पात्र परिवारों को सोलर सिस्टम लगाने के लिए सब्सिडी दी जाती है। हालांकि, कितनी सब्सिडी मिलेगी और आपका सिस्टम कितना बड़ा होना चाहिए, यह पात्रता और इंस्टॉल किए जाने वाले सिस्टम की क्षमता पर निर्भर करता है।
सोलर की क्षमता तय करना सही नहीं
सिर्फ यह देखकर कि आपके पास 1 टन या 2 टन का AC है, सोलर की क्षमता तय करना सही नहीं होगा। AC की स्टार रेटिंग, रोजाना इस्तेमाल के घंटे, घर के दूसरे उपकरण, आपके इलाके में मिलने वाली धूप और बैटरी बैकअप की जरूरत, इन सभी को ध्यान में रखना चाहिए।
इसलिए सिस्टम लगवाने से पहले अपने कुल घरेलू लोड की गणना जरूर कराएं। सही क्षमता का सिस्टम लगाने पर ही सोलर का पूरा फायदा मिल पाएगा।
FAQs
सवाल: क्या 1 टन AC सोलर से चल सकता है?
जवाब: हां, पर्याप्त क्षमता वाले सोलर सिस्टम और सही इन्वर्टर के साथ 1 टन AC चलाया जा सकता है।
सवाल: क्या रात में सोलर से AC चल सकता है?
जवाब: सिर्फ ऑन-ग्रिड सिस्टम में रात के समय सीधे सोलर पैनल से बिजली नहीं मिलती। रात में AC चलाने के लिए ग्रिड बिजली या उपयुक्त बैटरी बैकअप की जरूरत होगी।
सवाल: पंखों के लिए कितना सोलर चाहिए?
जवाब: सिर्फ दो पंखों के लिए करीब 300-500 वॉट क्षमता का सिस्टम पर्याप्त हो सकता है, जबकि दूसरे उपकरण जोड़ने पर ज्यादा क्षमता की जरूरत पड़ सकती है।
सवाल: 1.5 टन AC के लिए कितने Kw का सोलर की जरूरत होती है?
जवाब: 1.5 टन AC के लिए आमतौर पर 3 किलोवाट (Kw) का सोलर सिस्टम सही रहता है।
