UP Mini Nandini Yojana: डेयरी का कारोबार शुरू करने की तैयारी कर रहे उत्तर प्रदेश के पशुपालकों के लिए राहत भरी खबर है। अब अच्छी नस्ल की दुधारू गाय खरीदने के लिए गुजरात या राजस्थान जाने और वहां कई दिन तक भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रदेश में ही लगने वाले पशु मेलों में आने वाले व्यापारी आपके लिए साहीवाल और गिर नस्ल की गायें उपलब्ध करा सकेंगे।
बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत यह सुविधा दी गई है। इससे योजना के लिए चयनित पशुपालकों को गाय खरीदने में होने वाली भागदौड़ से राहत मिलने की उम्मीद है।
अब नहीं लगाने होंगे दूसरे राज्यों के चक्कर
नंद बाबा दुग्ध मिशन के तहत चलाई जा रही मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना में चयनित पशुपालकों को 10 दुधारू देसी गायें खरीदनी होती हैं। इसके लिए उन्हें पहले गुजरात, राजस्थान या दूसरे राज्यों में जाकर गायों की तलाश करनी पड़ती थी।
गाय खरीदने के लिए सही व्यापारी ढूंढना, कीमत तय करना और उन्हें सुरक्षित घर तक लाने के लिए वाहन की व्यवस्था करना आसान नहीं था। कई बार पशुपालकों को एक ही काम के लिए बार-बार दूसरे राज्यों में जाना होता था।
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पशु मेलों में मिल सकेंगी साहीवाल और गिर गायें
उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लगने वाले पशु मेलों में दूसरे राज्यों के व्यापारी भी अपनी गायें बेचने पहुंचते हैं। अब योजना के लाभार्थी इन व्यापारियों से सीधे संपर्क कर साहीवाल और गिर जैसी देसी नस्लों की दुधारू गायें मंगा सकेंगे।
इस व्यवस्था से पशुपालकों को दूर-दराज के राज्यों में जाने की जरूरत कम होगी। वहीं, व्यापारियों को भी एक साथ कई गाय बेचने का अवसर मिल सकता है।
गाय खरीदने के बाद इन बातों का रखना होगा ध्यान
नई सुविधा का लाभ लेने के लिए पशुपालकों को जरूरी डॉक्युमेंट्स भी जमा करने होंगे। गाय खरीदने के बाद उसकी रसीद और उसे लाने वाले वाहन की पूरी डिटेल्स पशुपालन विभाग को उपलब्ध कराना होगा। इन जानकारियों को विभागीय पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (गोरखपुर) डॉ. धर्मेंद्र पांडेय के अनुसार, चयनित पशुपालक पशु मेलों में आने वाले व्यापारियों से संपर्क करके गाय मंगा सकते हैं। इसके लिए खरीद की रसीद और वाहन का ब्योरा देना जरूरी है।
क्या है मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना?
मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना उत्तर प्रदेश सरकार के नंद बाबा दुग्ध मिशन का हिस्सा है। इसका उद्देश्य देसी नस्ल की उन्नत गायों के पालन को बढ़ावा देना, दूध उत्पादन बढ़ाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना है।
योजना के तहत पात्र पशुपालकों को 10 दुधारू गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार वित्तीय सहायता दी जाती है। इससे पशुपालकों को डेयरी व्यवसाय आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
