Navratri 2026 Ashtami-Navami Kab Hai: महाअष्टमी और महानवमी का महासंगम कब?

Shardiya Navratri 2026 Ashtami Navami Date: शारदीय नवरात्रि 2026 में महाअष्टमी और महानवमी का पूजन कब किया जाएगा? क्या यह एक ही दिन में मनाया जाएगा? यह जानने के लिए यहां पढ़े।

Oct 15, 2026, 15:55 IST
Navratri 2026 Ashtami-Navami Kab Hai
Navratri 2026 Ashtami-Navami Kab Hai

Ashtami Navami Kab Hai: सनातन धर्म में शारदीय नवरात्रि (Sharad Navratri 2026) का पर्व मां दुर्गा की उपासना और आदिशक्ति की कृपा प्राप्त करने का सबसे पवित्र समय माना जाता है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन उत्सव में महाअष्टमी (Durga Ashtami) और महानवमी (Maha Navami) की डेट्स का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। इन्हीं दिनों में भक्त माता के स्वरूपों की विशेष पूजा-अर्चना करने के साथ-साथ कन्या पूजन (Kanya Pujan) और हवन-अनुष्ठान सम्पन्न करते हैं।

पंचांग गणना और Tithi Vriddhi के कारण साल 2026 में नवरात्रि का पर्व 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक 10 दिनों का है। ऐसे में श्रद्धालुओं के बीच महाअष्टमी और महानवमी की सही डेट को लेकर संशय बना हुआ है। वैदिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में महाअष्टमी और महानवमी का मुख्य व्रत और पूजन सोमवार 19 अक्टूबर 2026 को एक ही दिन मनाया जाएगा।

Shardiya Navratri 2026: डेट, शुभ मुहूर्त और पंचांग का गणित

विभिन्न पंचांगों जैसे दिल्ली व काशी पंचांग के अनुसार महाअष्टमी, महानवमी और संधि पूजा का टाइम जानने के लिए नीचे दी गई टेबल से देखें। 

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पर्व और अनुष्ठान
डेट और दिन 
डेट प्रारंभ व खत्म होने का टाइम 
महाअष्टमी प्रारंभ
18 अक्टूबर 2026 (रविवार)
प्रातः 08:27 बजे से प्रारंभ
महाअष्टमी समाप्ति और पूजन
19 अक्टूबर 2026 (सोमवार)
प्रातः 10:51 बजे तक (मुख्य पूजन दिवस)
महानवमी प्रारंभ
19 अक्टूबर 2026 (सोमवार)
प्रातः 10:51 बजे से प्रारंभ
महानवमी समाप्ति
20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)
दोपहर 12:50 बजे तक
संधि पूजा मुहूर्त (Sandhi Puja)
19 अक्टूबर 2026 (सोमवार)
प्रातः 10:27 बजे से 11:15 बजे तक
कन्या पूजन (Kanya Pujan Muhurat)
19 अक्टूबर 2026 (सोमवार)
प्रातः 07:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच
विजयादशमी / दशहरा (Dussehra)
20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार)
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Navratri 2026 Ashtami-Navami Kab Hai: शास्त्रों और पंचांगीय की गणना के अनुसार देखें

  • अष्टमी डेट: इस साल 2026 में अष्टमी 18 अक्टूबर को सुबह 08:27 बजे शुरू होकर 19 अक्टूबर की सुबह 10:51 बजे खत्म हो जाएगी। उदयातिथि के नियम के अनुसार, 19 अक्टूबर की सुबह तक अष्टमी डेट विद्यमान रहेगी, जिससे मां महागौरी (Maa Mahagauri) का पूजन इसी दिन सुबह किया जाएगा।

  • महानवमी का प्रारंभ: 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे के बाद नवमी डेट लग जाएगी, जो 20 अक्टूबर दोपहर तक रहेगी। इस कारण मां सिद्धिदात्री (Maa Siddhidatri) का पूजन, महानवमी हवन और पूर्णाहुति भी 19 अक्टूबर को ही संपन्न की जाएगी।

संधि पूजा (Sandhi Puja) का विशेष महत्व और समय

नवरात्रि में अष्टमी डेट की समाप्ति और नवमी तिथि के प्रारंभ के संधिकाल को 'संधि पूजा' (Sandhi Puja) कहा जाता है। यह वह समय होता है, जब देवी दुर्गा ने महिषासुर के सेनापति चंड और मुंड का वध करने के लिए 'चामुंडा' रूप धारण किया था।

  • साल 2026 में संधि पूजा का समय: सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को प्रातः 10:27 बजे से 11:15 बजे तक रहेगा। इस 48 मिनट के विशेष मुहूर्त में 108 दीपक जलाकर देवी की विशेष आराधना की जाती है।

कन्या पूजन (Kanya Pujan Rituals): विधि और सही तरीका

अष्टमी और नवमी दोनों ही डेट्स पर 2 से 10 साल की कन्याओं को माता का साक्षात स्वरूप मानकर पूजन करने का विधान है:

  1. आमंत्रण और स्वागत: 9 कन्याओं और 1 लंगूर (छोटे बालक) को आदरपूर्वक घर पर आमंत्रित करें और उनके पैर स्वच्छ जल से धोएं।
  2. तिलक और अर्चन: सभी कन्याओं के मस्तक पर रोली-अक्षत का तिलक लगाएं और कलावा बांधें।
  3. भोग अर्पण: कन्याओं को पारंपरिक प्रसाद - पूरी, चने की सब्जी, सूजी का हलवा और फल परोसें।
  4. दक्षिणा और आशीर्वाद: भोजन के उपरांत कन्याओं को सामर्थ्य अनुसार वस्त्र, उपहार या दक्षिणा देकर उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करें।

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Akshara Verma

Executive - Editorial

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